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असम में बाढ़ राहत के लिए विरोध प्रदर्शन, मुख्यमंत्री आवास के पास नारेबाजी

बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत और मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन

असम में बाढ़ राहत के लिए विरोध प्रदर्शन, मुख्यमंत्री आवास के पास नारेबाजी
फोटो: Protests for Flood Relief in Assam Near Chief Minister's Residence

असम में बाढ़ पीड़ितों का गुस्सा फूटा

देश की राजधानी दिल्ली में कांग्रेस के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन के घटक दलों के सांसद और कार्यकर्ता SIR प्रक्रिया को रद्द करने तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हंगामा कर रहे हैं। इसी बीच, महाराष्ट्र के पुणे में छात्र महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग में धांधली के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। अब असम में भी बाढ़ प्रभावित लोगों का आक्रोश सामने आया है।


असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के सरकारी आवास के निकट बाढ़ से प्रभावित लोगों का बड़ा समूह एकत्रित हुआ और नारेबाजी की। ये सभी लोग बाढ़ पीड़ितों के लिए पर्याप्त राहत की मांग कर रहे थे।


राइजोर दल का विरोध प्रदर्शन

गुरुवार को असम की विपक्षी पार्टी 'राइजोर दल' ने गुवाहाटी की मिनिस्टर्स कॉलोनी के बाहर बाढ़ पीड़ितों को राहत देने की मांग को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान, कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के आवास के पास काले झंडे लहराए और नारे लगाए। यह प्रदर्शन ऊपरी असम में हालिया बाढ़ से प्रभावित लोगों की स्थिति के प्रति सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए किया गया था।


बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी राइजोर दल और अन्य संगठनों के नेताओं के आह्वान पर इकट्ठा हुए, जिन्होंने पुलिस हिरासत में लिए गए नेताओं को भी समर्थन दिया।


CBI जांच और मुआवजे की मांग

प्रदर्शनकारियों ने असम में बाढ़ और इसके कारण हुई तबाही की जिम्मेदारी के लिए CBI जांच की मांग की। राइजोर दल ने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने आर्थिक मदद के साथ-साथ क्षतिग्रस्त घरों के पुनर्निर्माण और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को ठीक करने के लिए पर्याप्त फंड की आवश्यकता पर जोर दिया।


प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि राहत सामग्री बिना किसी देरी के प्रभावित परिवारों तक पहुंचनी चाहिए। शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट जिलों में बाढ़ के कारण हुए नुकसान को देखते हुए यह मांग और भी महत्वपूर्ण हो गई है।