तिरंगा यात्रा का आयोजन
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दिल्ली के कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में तिरंगा यात्रा का आयोजन किया। शुक्रवार की शाम जैसे ही स्थिति गर्म हुई, वहां पर प्रदर्शनकारी एकत्र होने लगे। हालांकि, इस दौरान एक अनपेक्षित स्थिति उत्पन्न हुई, जब अभिजीत दीपके का भी विरोध शुरू हो गया। प्रदर्शनकारियों ने उनके खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान, कुछ लोगों ने ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न देने की मांग उठाई। यह प्रदर्शन पालिका बाजार मेट्रो के गेट के सामने हुआ, जहां लोग एकत्र होकर अपने अधिकारों की मांग कर रहे थे।
पुलिस की तैनाती और विरोध की स्थिति
CJP के विरोध प्रदर्शन के कारण दिल्ली की सड़कों पर सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। पुलिस ने कनॉट प्लेस और आसपास के क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू की है। इसके अलावा, इंटरनेट की गति भी धीमी कर दी गई थी।
इसके बावजूद, CJP के आह्वान पर बड़ी संख्या में लोग शाम होते ही कनॉट प्लेस के आस-पास पहुंच गए। लोगों के हाथों में तिरंगा था, और प्रदर्शनकारियों ने अभिजीत दीपके के निवास से उन्हें हिरासत में लेने के बाद भी विरोध जारी रखा।
प्रदर्शनकारियों की मांगें
प्रदर्शनकारियों ने मोदी-मोदी के नारे भी लगाए। एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि उनकी मांग है कि ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न से सम्मानित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि वे भारतीय हैं और किसी राजनीतिक दल से जुड़े नहीं हैं।
सीजेपी के प्रदर्शन के चलते पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना शुरू कर दिया। एनडीएमसी ने सेंट्रल पार्क को शुक्रवार और शनिवार के लिए बंद कर दिया है। दिल्ली पुलिस ने इस तिरंगा मार्च को अनुमति नहीं दी, और डीसीपी नेहा यादव ने जानकारी दी कि सीजेपी ने 16 अक्टूबर को तिरंगा लेकर जुटने की अपील की थी।





