Molitics Logo
होम राष्ट्रीय धर्मेंद्र प्रधान ने 'रिजीम चेंज' बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी
राष्ट्रीय • दिल्ली

धर्मेंद्र प्रधान ने 'रिजीम चेंज' बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी

धर्मेंद्र प्रधान ने प्रदर्शनकारियों के असली मकसद पर सवाल उठाए

धर्मेंद्र प्रधान ने 'रिजीम चेंज' बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी
फोटो: Dharmendra Pradhan Responds to 'Regime Change' Statement

धर्मेंद्र प्रधान का प्रहार

पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा उठाए गए 'रिजीम चेंज' बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि ये प्रदर्शनकारी देश के असली हितों के खिलाफ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देशहित और छात्रों के नाम पर जो विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ था, अब उसकी असलियत सामने आ रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि विदेशी ताकतों की मदद से भारत में सत्ता परिवर्तन का सपना देखने वाले देश विरोधी लोगों को समझ लेना चाहिए कि भारत में सत्ता का परिवर्तन केवल लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के माध्यम से संभव है।


सोशल मीडिया पर हमला

धर्मेंद्र प्रधान ने सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कॉकरोच जनता पार्टी और राहुल गांधी पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा, "छात्रों और देशहित के नाम पर शुरू हुए प्रदर्शनों का असली चेहरा अब सबके सामने है। खुलकर रिजीम चेंज की बातें करना और बांग्लादेश से प्रेरणा लेने की बात करना, यह स्पष्ट करता है कि यह केवल अराजकता फैलाने की साजिश है।" उन्होंने कहा कि भारत की जनता इस अलोकतांत्रिक सोच को कभी स्वीकार नहीं करेगी।


नीट पेपर लीक पर प्रदर्शन

कॉकरोच जनता पार्टी ने नीट पेपर लीक के मुद्दे पर प्रदर्शन किया था, जिसके चलते धर्मेंद्र प्रधान को मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा था कि छात्र आंदोलन का मुखौटा ओढ़कर देश में हिंसा फैलाने की साजिश हो सकती है। उन्होंने अपने इस्तीफे का कारण बताते हुए कहा कि उन्हें देश को ऐसी समस्याओं से बचाने के लिए यह कदम उठाना पड़ा।


राहुल गांधी पर प्रतिक्रिया

धर्मेंद्र प्रधान ने राहुल गांधी पर भी तीखा हमला किया, जिन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन का नेतृत्व किया। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी बार-बार जनता के जनादेश का अपमान करते हैं। चुनावी प्रक्रिया से मनचाहा परिणाम न मिलने पर लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा करना कांग्रेस का उद्देश्य रहा है।"


जनता की नकार

धर्मेंद्र प्रधान ने राहुल गांधी के लोकतंत्र के प्रति नफरत भरे रवैये को शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा, "हाथ में संविधान लेकर घूमने वाले राहुल गांधी को जनता ने बार-बार नकारा है। फिर भी वे अपनी जिद में जनादेश का अपमान कर रहे हैं।" उन्होंने कहा कि यह नफरत भरा रवैया लोकतंत्र की मर्यादाओं का उल्लंघन है।


प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि

कॉकरोच जनता पार्टी का गठन फर्जी वकीलों के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की 'कॉकरोच' टिप्पणी के बाद हुआ। इसके बाद, नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन ने जोर पकड़ा। जंतर-मंतर पर शुरू हुए इस प्रोटेस्ट में सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल ने भी स्थिति को बढ़ा दिया। अंततः, लगातार बढ़ते प्रदर्शन और संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा के कारण धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा।