INDIA गठबंधन का प्रदर्शन
INDIA अलायंस ने मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया। इस प्रदर्शन में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी शामिल नहीं हुए। ओवैसी ने अपनी अनुपस्थिति की वजह बताई और साथ ही अपनी दो प्रमुख मांगें भी रखीं। विपक्षी दल अब कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ आंदोलन तेज करने की योजना बना रहे हैं।
ओवैसी ने कहा, 'मैं उसका हिस्सा नहीं हूं, तो किस्सा ही खत्म। मैं उसका हिस्सा नहीं हूं। अब बेगानी शादी में मेरा क्या काम।' उन्होंने प्रदर्शन में न जाने के पीछे की वजह INDIA अलायंस का हिस्सा न होना बताया।
ओवैसी की मांगें
ओवैसी ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर कहा, 'देखिए, हमारा समस्या क्या है, मेरा डिमांड क्या है। मुख्य चुनाव आयुक्त को चुने जाने की प्रक्रिया गलत है। यह पूरी तरह से कार्यपालिका के पक्ष में है। प्रधानमंत्री एक मंत्री को चुनेंगे जो कानून मंत्री हैं। फिर एक नेता प्रतिपक्ष हैं... इसे बदलने की जरूरत है। सबसे बड़ी समस्या मुख्य चुनाव आयुक्त का चुनाव है। इसे सुधारना चाहिए।'
उन्होंने SIR की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाया और कहा, 'बिहार में जब एसआईआर शुरू हुआ, तो हम पार्टी थे उसमें। उस वक्त भी हमने पुकार-पुकार कर कहा, सुप्रीम कोर्ट ने जो मौखिक रूप से कहा था, उसे इजाजत नहीं दी।'
SIR की तुलना NRC से
ओवैसी ने एसआईआर प्रक्रिया की तुलना राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (NRC) से की। उन्होंने कहा, 'हमारी मांग है कि जो चयन प्रक्रिया है, उसे बदलना चाहिए। इसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश को शामिल किया जाए। एसआईआर गलत है। सुप्रीम कोर्ट ने इसे बरकरार रखा, लेकिन हम इसे गलत मानते हैं। हमारी राय है कि एसआईआर NRC के जरिए हो रही है।'
DMK और AAP की स्थिति
मंगलवार को हुए प्रदर्शन से द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम (DMK) और आम आदमी पार्टी (AAP) ने दूरी बना ली। हालांकि, आम आदमी पार्टी ने चुनाव अधिकारी के खिलाफ प्रदर्शन का ऐलान किया है। पूर्व विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा, 'बुधवार को लेफ्ट पार्टियों और कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों ने आम आदमी पार्टी को कश्मीरी गेट स्थित दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी के दफ्तर के बाहर होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए बुलाया है।'
AAP ने पहले ही कहा है कि जब भी कोई विरोध प्रदर्शन होगा, हमारे कार्यकर्ता उसमें शामिल होंगे। इसलिए AAP इस धरने में सक्रिय रूप से शामिल होगी।
प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए नेता
मंगलवार को जब विपक्ष के सांसदों ने मार्च निकाला, तो कई प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस ने नीति आयोग के सामने मार्च को रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं ने आकाशवाणी भवन परिसर में प्रवेश कर धरना शुरू कर दिया। लगभग आठ घंटे तक धरना देने के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और किंग्सवे कैंप स्थित पुलिस लाइंस ले जाया गया, जहाँ से उन्हें रात करीब 10 बजे रिहा किया गया।
चुनाव आयोग का बयान
INDIA गठबंधन के सांसदों के प्रदर्शन के बाद चुनाव आयोग ने मंगलवार शाम कहा कि शाम चार बजे तक किसी भी राजनीतिक दल ने अधिकृत प्रतिनिधि के जरिए मुलाकात का समय नहीं मांगा था। आयोग ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने उसे बताया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में 240 सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल आयोग से मिलकर ज्ञापन सौंपना चाहता है।
आयोग ने कहा कि वह मीडिया के माध्यम से भी इसकी जानकारी प्राप्त कर चुका था। हालाँकि, किसी राजनीतिक दल की ओर से बैठक का औपचारिक अनुरोध शाम चार बजे तक नहीं आया था। आयोग ने बताया कि प्रस्तावित बैठक संसद भवन में होनी थी, लेकिन प्रोटोकॉल के अनुसार ऐसी बैठकें केवल निर्वाचन आयोग परिसर में आयोजित की जाती हैं।





