मानसून सत्र का पहला दिन कैसा रहा?
इस बीच एक बड़ा संवैधानिक घटनाक्रम भी सामने आया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को जस्टिस यशवंत वर्मा को हटाने की मांग को लेकर एक ज्ञापन सौंपा गया। जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर लोकसभा के 145 और राज्यसभा के 63 सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। इससे न्यायपालिका और विधायिका के संबंधों को लेकर बहस तेज हो सकती है।
राज्यसभा ने एक महत्वपूर्ण विधेयक ‘बिल ऑफ लैडिंग बिल, 2025’ को पारित कर दिया। यह कानून 1856 के भारतीय बिल्स ऑफ लैडिंग एक्ट की जगह लेगा। नया कानून समुद्री मार्ग से माल की ढुलाई में उपयोग होने वाले बिल ऑफ लैडिंग को कानूनी मान्यता देता है, जो इस बात का दस्तावेज़ी प्रमाण होता है कि संबंधित सामान जहाज पर लादा गया है। यह विधेयक मार्च 2025 में लोकसभा से पहले ही पारित हो चुका था।
साथ ही, नए इनकम टैक्स बिल पर बनी संसदीय समिति की रिपोर्ट भी लोकसभा में प्रस्तुत की गई। समिति ने वित्त मंत्रालय को सुझाव दिया है कि व्यक्तिगत करदाताओं को बिना किसी जुर्माने के निर्धारित समय सीमा के बाद भी आयकर रिटर्न दाखिल करने की अनुमति दी जाए, ताकि वे अपना TDS रिफंड प्राप्त कर सकें। इसके अलावा, धार्मिक और चैरिटेबल संस्थाओं को मिलने वाले गुमनाम दान को टैक्स से छूट दिए जाने की सिफारिश भी की गई है। यह प्रस्तावित विधेयक वर्तमान में लागू इनकम टैक्स एक्ट, 1961 को प्रतिस्थापित करेगा और इसका मसौदा 622 पन्नों में तैयार किया गया है।
संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से 21 अगस्त तक चलेगा। इस 32 दिवसीय सत्र के दौरान कुल 18 बैठकें आयोजित की जाएंगी। केंद्र सरकार इस सत्र में कुल 15 से अधिक विधेयक सदन में लाने की तैयारी कर रही है। इनमें 8 नए विधेयक शामिल हैं, जबकि 7 पहले से लंबित विधेयकों पर चर्चा की जाएगी। चर्चा के लिए प्रस्तावित बिलों में मणिपुर जीएसटी संशोधन विधेयक 2025, नया इनकम टैक्स बिल और नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल जैसे अहम प्रस्ताव शामिल हैं।





