CJP से संबंधों में बदलाव
भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा देने के बाद के अन्नामलाई ने अब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रति अपने रुख में बदलाव किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वह कभी भी CJP का समर्थन नहीं करते हैं। हाल ही में उन्होंने इस पार्टी के खिलाफ एक बयान में कहा था कि उनके और CJP के एजेंडे में कोई समानता नहीं है।
अन्नामलाई ने जून में भाजपा से अपने इस्तीफे के बाद CJP के समर्थन में बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह सवाल उठाने में पार्टी का समर्थन करते हैं।
पहले के बयान पर पुनर्विचार
अन्नामलाई ने पहले कहा था, 'शायद मैं उनके विरोध प्रदर्शनों के तरीके से सहमत न होऊं, लेकिन वे जो सवाल उठाते हैं, उसमें मैं CJP का समर्थन करता हूँ।' उन्होंने यह भी कहा था कि गिरफ्तारी के बाद CJP के नेता और मजबूत होंगे।
उन्हें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के सवाल पूछने का अधिकार होने पर भी अपनी सहमति जताई थी।
भाजपा पर उठाए गंभीर सवाल
के अन्नामलाई ने भाजपा पर कुछ गंभीर टिप्पणियाँ की हैं। उन्होंने कहा, 'केंद्र सरकार यह भूल जाती है कि वह 12 साल से अधिक समय से सत्ता में है और अपने अस्तित्व को बनाए रखने के लिए हमेशा एक दुश्मन पैदा करती है।' उनके अनुसार, यह स्थिति 'तरस योग्य' है।
उन्होंने CJP के प्रदर्शन को देशविरोधी और विदेशी फंडिंग से संचालित बताने के आरोपों को भी नकारा। अन्नामलाई ने यह भी कहा कि उन्हें तमिलनाडु में मौजूदा मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना ज्यादा जरूरी है।
भाजपा की प्रतिक्रिया
भाजपा ने अन्नामलाई की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया करते हुए कहा कि वह पार्टी में रहते हुए भी SIR का समर्थन करते थे। तमिलनाडु भाजपा के प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने कहा, 'अब जब वह पार्टी छोड़ चुके हैं, तो उनका रुख बदलना आश्चर्यजनक है।'
उन्होंने यह भी बताया कि अन्नामलाई ने कांग्रेस सांसद शशि थरूर के साथ एक डिबेट के दौरान SIR का बचाव किया था, जो उनकी बदली हुई स्थिति पर सवाल उठाता है।





