उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव अगले वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले हैं। हाल के दिनों में केंद्र सरकार के खिलाफ जेन-जी की नाराजगी सार्वजनिक रूप से देखी गई है। इस संदर्भ में, यह प्रश्न उठ रहा है कि जेन-जी का रुख योगी आदित्यनाथ सरकार के खिलाफ क्या होगा। न्यूज 18 द्वारा किए गए यूपी मेगा सर्वे में इस सवाल का उत्तर प्राप्त हुआ है।
इस सर्वेक्षण में यह स्पष्ट हुआ है कि आगामी विधानसभा चुनाव में युवाओं का झुकाव किस राजनीतिक दल की ओर रहेगा। सर्वे में शामिल महत्वपूर्ण मुद्दों जैसे जेन-जी छात्र आंदोलनों और राम मंदिर के लिए दान की चर्चा की गई है।
जेन-जी का समर्थन
सर्वेक्षण में 56 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि जेन-जी आगामी चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वहीं, 16.2 प्रतिशत ने इस पर असहमति जताई। यह मेगा सर्वे न्यूज 18 और पीवैल्यू एनालिटिक्स के सहयोग से किया गया था।
इस आंकड़े में भाजपा/एनडीए समर्थकों की संख्या अधिक है, जो अपेक्षाकृत शिक्षित हैं और इसलिए अधिक जानकारी रखते हैं। कुल मिलाकर, 14.2 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने बताया कि उन्हें जेन-जी के बारे में कोई जानकारी नहीं है, जो मुख्यतः सपा-कांग्रेस और बसपा समर्थकों में अधिक देखने को मिला।
एनडीए के समर्थन में आंकड़े
सर्वे में भाग लेने वाले 66.6 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे बीजेपी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को वोट देंगे। इसके विपरीत, 26.4 प्रतिशत ने समाजवादी पार्टी-कांग्रेस गठबंधन का समर्थन किया। केवल 5.4 प्रतिशत ने बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) का समर्थन किया।
इस सर्वे में, 66.6 प्रतिशत लोगों का मानना था कि बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार बनाने की संभावना रखती है, जबकि 26.5 प्रतिशत ने एसपी-कांग्रेस का समर्थन किया। साथ ही, 65.2 प्रतिशत लोगों ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी को तीसरी बार सरकार बनाने का अवसर मिलना चाहिए।
योगी सरकार के प्रति जनता की राय
सर्वे के अनुसार, 77.1 प्रतिशत लोग योगी आदित्यनाथ की सरकार के प्रदर्शन से संतुष्ट हैं। इसके अलावा, 66.2 प्रतिशत ने फिर से योगी को मुख्यमंत्री बनाने पर सहमति जताई है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव जनवरी-फरवरी 2027 में होने वाले हैं। बीजेपी पिछले दो कार्यकालों से राज्य में सत्ता में है। ऐसे में यह सर्वे यूपी सरकार के प्रति वर्तमान जनता की धारणा और उसके प्रदर्शन को समझने के लिए महत्वपूर्ण हो जाता है।
सर्वेक्षण में लिए गए मानदंड
इस सर्वेक्षण के दौरान शासन और विकास के सात प्रमुख मानदंडों पर ध्यान केंद्रित किया गया था। इनमें कानून-व्यवस्था, बुनियादी ढांचा, कल्याण योजनाओं की डिलीवरी, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा का ढांचा, भ्रष्टाचार और रोजगार शामिल हैं।
इन मानदंडों के आधार पर यह समझने की कोशिश की गई है कि उत्तर प्रदेश की जनता की क्या अपेक्षाएँ हैं और वे किस तरह से अपने मताधिकार का प्रयोग करने की योजना बना रहे हैं।





