राहुल गांधी ने दावा: भाजपा को फ़ायदा पहुँचा रहा ECI
राहुल गांधी ने दावा किया कि इस कथित वोट हेराफेरी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को फायदा पहुंचाने के लिए चुनाव आयोग ने काम किया है। उन्होंने इसे ओपन एंड शट केस बताया और कहा कि कांग्रेस के पास इससे संबंधित ठोस दस्तावेजी साक्ष्य मौजूद हैं। राहुल गांधी ने बताया कि पार्टी को पहले मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और लोकसभा चुनाव में अनियमितता का संदेह हुआ। इसके बाद कांग्रेस ने खुद से एक विस्तृत छह महीने लंबी जांच करवाई।
उन्होंने कहा कि हमें जो मिला है, वह एटम बम जैसा है। अगर ये सामने आया, तो चुनाव आयोग अपनी विश्वसनीयता पूरी तरह खो देगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब कांग्रेस ने चुनाव आयोग से वोटर लिस्ट और वीडियोग्राफी जैसी जानकारी मांगी, तो या तो जानकारी नहीं दी गई या फिर कानून में बदलाव कर उस प्रक्रिया को ही खत्म कर दिया गया।
बड़े पैमाने पर वोटर डेटा में गड़बड़ी मिली- राहुल गांधी
कुछ दिनों पहले कांग्रेस नेता ने कहा था कि पार्टी ने कर्नाटक में एक संसदीय क्षेत्र में गहराई से रिसर्च की है, जहां उन्हें बड़े पैमाने पर वोटर डेटा में गड़बड़ी मिली है।
राहुल गांधी ने कहा, "हमने पूरा सिस्टम समझ लिया है, कैसे वोट चोरी होते हैं, कैसे नए फर्जी वोटर बनाए जाते हैं। और अब हम इसे ब्लैक एंड व्हाइट में देश के सामने रखेंगे।" राहुल ने आरोप लगाया कि अब जब भाजपा और आयोग को यह समझ में आ गया है कि कांग्रेस ने उनकी रणनीति पकड़ ली है, तो उन्होंने बिहार में वोटर लिस्टिंग प्रणाली को नए तरीके से लागू करने का फैसला किया है।
अपने तीखे हमले में राहुल गांधी ने चुनाव आयोग में बैठे अधिकारियों को चेतावनी दी, "आप चाहे कहीं भी हों—सेवा में हों या रिटायर्ड—हम आपको ढूंढ़ निकालेंगे। यह जो आप कर रहे हैं, वह देशद्रोह है। हम इसे ऐसे नहीं छोड़ेंगे।"





