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NDA में सहमति, BJP से होगा नया उपराष्ट्रपति? जल्द हो सकता है बड़ा ऐलान

सूत्रों के अनुसार, नया उपराष्ट्रपति भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से ही होगा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सभी सहयोगी दल इस पर सहमत हैं।

NDA में सहमति, BJP से होगा नया उपराष्ट्रपति? जल्द हो सकता है बड़ा ऐलान
फोटो: NDA में सहमति, BJP से होगा नया उपराष्ट्रपति? जल्द हो सकता है बड़ा ऐलान
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के बाद देश के नए उपराष्ट्रपति के चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज़ हो गई है। निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी है और जल्द ही चुनाव की तारीख का ऐलान होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, नया उपराष्ट्रपति भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से ही होगा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सभी सहयोगी दल इस पर सहमत हैं। हालांकि, अभी तक पार्टी ने अपने उम्मीदवार के नाम का औपचारिक ऐलान नहीं किया है, लेकिन तैयारियाँ पूरी रफ्तार से जारी हैं।

सूत्र के अनुसार भाजपा से होगा का नया उपराष्ट्रपति


भाजपा सूत्रों का कहना है कि पार्टी एक ऐसा चेहरा सामने लाना चाहती है जो अगले पांच सालों का कार्यकाल बिना किसी बाधा के पूरा कर सके। उम्मीदवार के चयन में राजनीतिक अनुभव, सामाजिक समीकरण, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और संविधानिक जिम्मेदारियों को निभाने की क्षमता जैसे कई मानकों पर विचार किया जा रहा है। शुरुआत में जेडीयू नेता रामनाथ ठाकुर, केरल के पूर्व राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, राज्यसभा उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह, और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान जैसे दिग्गज नेताओं के नाम चर्चा में थे। हालांकि रिपोर्टों के मुताबिक रामनाथ ठाकुर अब इस दौड़ से बाहर हो चुके हैं।

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 66 के अनुसार, उपराष्ट्रपति का पद रिक्त होने की स्थिति में निर्वाचन आयोग को जल्द से जल्द चुनाव कराना होता है। आयोग ने इस संदर्भ में 24 जुलाई को एक प्रेस रिलीज जारी कर उपराष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने की पुष्टि की है। गौरतलब है कि जगदीप धनखड़ का कार्यकाल 2027 तक चलने वाला था, लेकिन उनके असामयिक इस्तीफे से राजनीतिक समीकरणों में नई हलचल पैदा हो गई है।

धनखड़ ने 21 जुलाई को दिया था इस्तीफ़ा


जगदीप धनखड़ इस्तीफे से पहले सोमवार को पूरे दिन राज्यसभा की कार्यवाही में सक्रिय रहे। सुबह उन्होंने विपक्षी दलों को संसद को संवाद और रचनात्मक चर्चा का मंच बनाने की सलाह दी। दोपहर बाद उन्होंने न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के खिलाफ लाए गए महाभियोग प्रस्ताव के नोटिस को स्वीकार करते हुए उससे जुड़ी प्रक्रिया को सदन में विस्तार से स्पष्ट किया। साथ ही, न्यायमूर्ति शेखर यादव के खिलाफ लाए गए एक अन्य महाभियोग प्रस्ताव में एक सांसद के दोहरे हस्ताक्षर को लेकर जांच का आदेश भी दिया।