भाजपा के दावे पर चिदंबरम का पलटवार
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा किए गए तीन करोड़ घुसपैठियों के दावे पर कड़ा जवाब दिया। चिदंबरम ने भाजपा से यह जानने की कोशिश की कि ये घुसपैठिए कौन हैं और क्या केंद्र तथा राज्य सरकारों ने उनकी पहचान कर ली है। नितिन नवीन ने हाल ही में आरोप लगाया था कि वोटर लिस्ट से 13 करोड़ नाम हटाए गए हैं, जबकि कांग्रेस पार्टी हर वोट का हिसाब देने के लिए तैयार है।
नवीन ने यह भी कहा था कि मतदाता सूची से हटाए गए नामों में से ढाई करोड़ लोग मृतक हैं और छह करोड़ लोग दूसरे स्थानों पर चले गए हैं। उन्होंने यह आरोप लगाया कि तीन करोड़ घुसपैठिये हैं और भाजपा इन्हें देश से बाहर निकालने के लिए प्रतिबद्ध है।
चिदंबरम के सवाल
चिदंबरम ने नवीन के इस बयान पर पलटवार करते हुए पांच महत्वपूर्ण सवाल पूछे। उन्होंने पूछा कि भाजपा अध्यक्ष ने जिन तीन करोड़ घुसपैठियों का जिक्र किया है, उनके नाम क्या हैं। इसके साथ ही, उन्होंने हरियाणा सरकार से सवाल किया कि यदि लोगों को घुसपैठियों की पहचान है, तो राज्य सरकार उनके नाम सार्वजनिक क्यों नहीं करती।
उन्होंने यह भी कहा कि कोई घुसपैठियों को बचाने का प्रयास नहीं कर रहा है और उनकी पहचान होनी चाहिए। चिदंबरम ने यह भी पूछा कि यदि घुसपैठियों की संख्या तीन करोड़ है, तो फिर मतदाता सूची से 13.3 करोड़ नाम क्यों हटाए गए। उनका कहना था कि पश्चिम बंगाल में जिन लोगों के नाम हटाए गए, उनमें से अधिकांश ने अपील में जीत हासिल की है, क्या वे भी घुसपैठिये हैं?
वोट चोरी के विवाद का संदर्भ
चिदंबरम की यह टिप्पणी उस विवाद के बीच आई है, जिसमें विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान गलत तरीके से 13.3 करोड़ लोगों के नाम हटा दिए हैं। वहीं, भाजपा का कहना है कि यह प्रक्रिया अपात्र मतदाताओं के नाम हटाने के लिए की गई थी।
विपक्ष और भाजपा के बीच चल रहे इस विवाद में चिदंबरम के सवालों ने एक बार फिर से राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है।





