सेना को सलाम, लेकिन सवाल सरकार से-अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने कहा, "हम भारतीय सेना के साहस और पराक्रम को सलाम करते हैं। अगर सेना को और मौका मिलता, तो शायद वे पीओके भी ले लेते।" लेकिन साथ ही उन्होंने पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले और उससे पहले की एक अघोषित घटना का ज़िक्र करते हुए सवाल उठाया—"आख़िर आतंकियों की घुसपैठ लगातार क्यों हो रही है? पहलगाम हमले के दोषी अब तक कहां हैं?" कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम द्वारा ऑपरेशन सिंदूर पर उठाए गए सवालों का समर्थन करते हुए अखिलेश ने कहा, "कांग्रेस सत्ता में रह चुकी है, उनके पास सूचनाएं होंगी। अगर उन्होंने सवाल उठाए हैं, तो सरकार को जवाब देना चाहिए। आतंकवाद के मसले पर सिर्फ राष्ट्रवाद की आड़ में नहीं बचा जा सकता।"
योगी सरकार पर सीधा हमला
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को निशाने पर लेते हुए सपा प्रमुख ने कहा, "यूपी का मुख्यमंत्री काम नहीं करता। जब प्रदेश में कानून-व्यवस्था चरमराई हो और आतंकवादियों की पकड़ न हो, तब जवाबदेही से भागना नहीं चाहिए।" अखिलेश यादव ने केंद्र की विदेश नीति को 'विफल' करार देते हुए कहा, "आज भारत के साथ कोई भी देश मज़बूती से खड़ा नहीं दिखता। हमारी विदेश नीति कमजोर रही है।" उन्होंने पाकिस्तान की तुलना में चीन को बड़ा खतरा बताया और केंद्र सरकार से मांग की कि आने वाले दस वर्षों तक चीन से किसी भी प्रकार का सामान भारत में नहीं आना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत को अब स्वदेशी को प्राथमिकता देनी चाहिए।
बीजेपी सांसद द्वारा समाजवादी पार्टी पर की गई 'नमाजवादी' टिप्पणी पर अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा, "बीजेपी के पहले अध्यक्ष के पांच प्रस्तावक नमाज पढ़ने वाले थे। हमें नसीहत देने से पहले बीजेपी को अपने इतिहास में झांकना चाहिए।" उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लगातार समाज में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण कर रही है।





