27-28 जुलाई की रात यूपी एसटीएफ की नोएडा यूनिट, बिहार पुलिस और हापुड़ पुलिस की एक संयुक्त टीम ने सिंभावली थाना क्षेत्र में एक ऑपरेशन चलाया। इस दौरान अपराधियों के एक गिरोह से मुठभेड़ हुई, जिसमें डब्ल्यू यादव को सीने में गोली लगी। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटनास्थल से बड़ी मात्रा में हथियार, कारतूस और अन्य आपराधिक सामग्री बरामद की गई है।
डब्ल्यू यादव का आपराधिक इतिहास
डब्ल्यू यादव को बेगूसराय जिले में कुख्यात अपराधियों में गिना जाता था। उसके खिलाफ 24 आपराधिक मामले दर्ज थे, जिनमें हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती और रंगदारी जैसे संगीन अपराध शामिल थे। वह साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र के "ए-121" नंबर के अपराधी के तौर पर पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज था।
2025 में हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम पार्टी) के प्रखंड अध्यक्ष और सामाजिक कार्यकर्ता विकास कुमार उर्फ राकेश कदम की हत्या के मामले में उसका नाम प्रमुख रूप से सामने आया था। यादव और उसके गिरोह ने कदम का अपहरण कर दियारा क्षेत्र में ले जाकर बेरहमी से हत्या कर दी थी और शव को रेत में दबा दिया था। इस मामले के बाद से वह फरार था और उस पर इनाम घोषित किया गया था। 2017 में डब्ल्यू यादव ने अपने खिलाफ गवाही देने वाले महेंद्र यादव की भी हत्या कर दी थी। यह वारदात भी उसी थाना क्षेत्र में हुई थी और इस पर भी मामला दर्ज है। उसकी आपराधिक गतिविधियों ने इलाके में खौफ का माहौल बना रखा था।





