इमामों का आरोप है कि 17 महीने से उनकी सैलरी रुकी हुई है, और जो वेतन मिल रहा है, वह मजदूरी से भी कम है, जिसे वे अस्वीकार कर रहे हैं। इससे पहले शनिवार और गुरुवार को भी इमामों ने केजरीवाल के घर के बाहर प्रदर्शन किया था, लेकिन दोनों बार बिना किसी हल के लौट गए थे। गुरुवार को ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद राशिदी ने कहा था कि उन्हें केजरीवाल के पीए द्वारा शाम 5 बजे आने का समय दिया गया था, लेकिन उस दिन भी मुलाकात नहीं हो पाई। अब सोमवार सुबह एक बार फिर बड़ी संख्या में इमाम केजरीवाल के आवास के बाहर इकट्ठे हुए और उन्होंने अपनी समस्याओं को उठाया।
राशिदी ने कहा कि इमामों को जो 18 हजार रुपये का वेतन दिया जा रहा है, वह उनकी मेहनत के अनुसार बहुत कम है, और इसे मजदूरी से भी नीचे माना जा सकता है। उन्होंने कहा कि वह पिछले तीन दिनों से निराश होकर लौट रहे हैं, क्योंकि केजरीवाल ने एक बार भी उनसे मिलने का समय नहीं दिया। अब इमामों का कहना है कि अगर उनके सवालों का समाधान नहीं किया गया, तो वे विधानसभा चुनाव के पहले व्यापक विरोध प्रदर्शनों का रास्ता अपनाएंगे।





