रावल ने पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) को दी गई शिकायत में लिखा है कि एक सत्ताधारी दल का नेता अगर वोटरों को इस तरह धमकाता है तो यह सीधा-सीधा लोकतंत्र पर हमला है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, रावल ने कहा, “मैं बीजेपी के आरटीआई सेल से जुड़ा हूं, लेकिन यह शिकायत एक आम मतदाता के रूप में दर्ज कराई है। वोट न देने पर विकास कार्य रोकने की धमकी देना चुनावी अपराध है।”
उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी द्वारा साझा किए गए वीडियो क्लिप में स्पष्ट रूप से केजरीवाल के बयान देखे और सुने जा सकते हैं, जिसमें वे मतदाताओं को डराते हुए कह रहे हैं कि अगर उनके उम्मीदवार को वोट नहीं मिला तो क्षेत्र को विकास से वंचित कर दिया जाएगा।
रावल ने शिकायत में लिखा, “भारत के संविधान ने हर नागरिक को बिना भय और भेदभाव के वोट देने का अधिकार दिया है। मतदाता को किसी भी प्रकार से डराना या प्रभावित करना कानूनन अपराध है। चुनाव आयोग को ऐसी धमकीपूर्ण भाषा के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।”
शिकायत में केजरीवाल के उस बयान का उल्लेख किया गया है, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा, "अगर आप विपक्षी उम्मीदवार को वोट देंगे तो विकास नहीं होगा, क्योंकि सरकार हमारी है।"
एक अन्य भाषण में, केजरीवाल ने कहा था, “एक व्यक्ति ने कहा कि वह कांग्रेस के उम्मीदवार को वोट देगा क्योंकि वह पारंपरिक कांग्रेस समर्थक है। मैंने उससे पूछा, अगर तुम्हारे घर के सामने की सड़क टूटी हो या पानी की सप्लाई बंद हो जाए, तो तुम्हारा काम कौन करवाएगा? विपक्षी विधायक के पास न फंड होगा, न ताकत। काम तो वही करवा सकता है जिसकी सरकार हो।”
रावल ने यह भी आरोप लगाया कि केजरीवाल ने संजीव अरोड़ा को अमीर बताकर यह कहा कि वह अपनी जेब से भी क्षेत्र में पैसा लगा सकते हैं। यह मतदाताओं को लालच देने जैसा है। उन्होंने कहा, “यह लालच और धमकी, दोनों ही चुनाव कानूनों का उल्लंघन है। सुप्रीम कोर्ट को भी इस तरह के मामलों पर स्वतः संज्ञान लेना चाहिए।”





