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अमृतसर में आंबेडकर मूर्ति हमले की गूँज दिल्ली चुनाव तक, कांग्रेस ने केजरीवाल को कहा ‘वोटजीवी’, बीजेपी भी हमलावर

दिल्ली चुनाव के बीच पंजाब के अमृतसर में 26 जनवरी को डॉ. बीआर अंबेडकर की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाए जाने की घटना ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।

अमृतसर में आंबेडकर मूर्ति हमले की गूँज दिल्ली चुनाव तक, कांग्रेस ने केजरीवाल को कहा ‘वोटजीवी’, बीजेपी भी हमलावर
फोटो: Kejriwal, Ambedkar, Delhi elections, votejeevi
दिल्ली चुनाव के बीच पंजाब के अमृतसर में 26 जनवरी को डॉ. बीआर अंबेडकर की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाए जाने की घटना ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। यह घटना ऐसे समय में हुई जब देश गणतंत्र दिवस मना रहा था, और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी थी। इस मामले पर कांग्रेस, भाजपा और बसपा सहित विपक्षी दलों ने आम आदमी पार्टी (आप) की पंजाब सरकार पर कड़ी आपत्ति जताई है। कांग्रेस के नई दिल्ली विधानसभा सीट से उम्मीदवार संदीप दीक्षित ने अरविंद केजरीवाल को 'वोटजीवी' करार देते हुए कहा कि यह घटना अत्यंत गंभीर है। उन्होंने कहा, "यह घटना 26 जनवरी जैसे दिन हुई है, जब सुरक्षा इंतजाम कड़े होते हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं 'आप' से पूछना चाहता हूं कि आपकी पुलिस कहां है? यदि दिल्ली चुनाव के लिए पंजाब पुलिस दिल्ली में तैनात है, तो पंजाब की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन निभा रहा है?"

 संदीप दीक्षित ने आगे कहा कि केजरीवाल का रवैया दिखाता है कि वह केवल चुनाव जीतने के लिए कुछ भी कर सकते हैं, चाहे इसके लिए उन्हें अपनी जिम्मेदारियों को नजरअंदाज करना पड़े। उन्होंने कहा, "अरविंद केजरीवाल न तो बाबा साहेब का सम्मान करते हैं, न ही आम जनता की चिंता करते हैं। उनका एकमात्र उद्देश्य वोट बटोरना है।" उनका यह बयान राजनीतिक गलियारों में गहरे तक चर्चा का विषय बन गया। भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने भी इस घटना को लेकर कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी और इंडिया गठबंधन के कुछ लोग हमेशा संविधान और अंबेडकर के प्रति अपने समर्थन का दावा करते हैं, लेकिन जब पंजाब में अंबेडकर की प्रतिमा पर हमला हुआ, तो उनकी असली सोच सामने आ गई।

 शहजाद ने कहा, "यह घटना न केवल अंबेडकर के प्रति अपमान है, बल्कि यह दर्शाती है कि इन दलों की असली सोच अनुसूचित जातियों के खिलाफ है, और उनके लिए अंबेडकर के विचारों का कोई मूल्य नहीं है।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केजरीवाल और भगवंत मान ने दलित समुदाय से किए गए वादों को पूरा नहीं किया। "केजरीवाल ने वादा किया था कि यदि वे पंजाब में सत्ता में आए तो दलित समुदाय से किसी को उपमुख्यमंत्री बनाएंगे, लेकिन उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया," उन्होंने कहा। भा.ज.पा. सांसद अनुराग ठाकुर ने भी इस घटना को दलित विरोधी करार देते हुए कहा, "यह घटना दिखाती है कि 'आप' दलितों के प्रति सच्ची प्रतिबद्धता नहीं रखती। 

पार्टी ने ना तो किसी दलित को उपमुख्यमंत्री बनाया, ना ही किसी दलित को राज्यसभा सांसद बनाया। इतना ही नहीं, पार्टी ने दलितों के लिए किए गए कई वादों को नकारा, जैसे कि विदेशों में 500 दलित बच्चों को भेजने का वादा, जिसे पार्टी ने पूरा नहीं किया।" ठाकुर ने सवाल उठाते हुए कहा, "जब दिल्ली में दलितों के लिए उपमुख्यमंत्री बनाने का मौका था, तो क्यों नहीं किया? और पंजाब में भी दलितों के लिए पर्याप्त प्रतिनिधित्व क्यों नहीं दिया गया?" पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने मामले में एफआईआर दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मान ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "यह घटना बहुत ही निंदनीय है। जो भी इस घटना में शामिल है, उसे कड़ी सजा दी जाएगी। पंजाब के भाईचारे और एकता को तोड़ने की किसी को भी इजाजत नहीं दी जाएगी।" 

पंजाब पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है। यह घटना न केवल पंजाब बल्कि पूरे देश के लिए एक चेतावनी है, कि जब हम गणतंत्र दिवस जैसे महत्वपूर्ण दिन पर एकजुटता और संविधान के सम्मान की बात करते हैं, तो हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हमारे कृत्य भी इन मूल्यों का पालन करें। इस घटना से राजनीतिक माहौल में गर्मी आ गई है और आम आदमी पार्टी की नेतृत्व क्षमता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

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