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Delhi Polls: केजरीवाल ने भविष्यवाणी की, AAP को 55 सीटें मिलेंगी, महिलाओं का वोट बैंक बढ़ा सकता है संख्या

उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी AAP को 5 फरवरी को होने वाले चुनाव में 55 सीटें मिलेंगी, लेकिन अगर महिला मतदाता सक्रिय रूप से मतदान करें, तो यह आंकड़ा 60 |

Delhi Polls:  केजरीवाल ने भविष्यवाणी की, AAP को 55 सीटें मिलेंगी, महिलाओं का वोट बैंक बढ़ा सकता है संख्या
फोटो: Delhi Assembly Election, AAP, Congress, BJP, Kejriwal
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर अपनी पार्टी की संभावनाओं पर एक साहसिक भविष्यवाणी की है। उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी (AAP) को 5 फरवरी को होने वाले चुनाव में 55 सीटें मिलेंगी, लेकिन अगर महिला मतदाता सक्रिय रूप से मतदान करें, तो यह आंकड़ा 60 के पार जा सकता है। केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "मेरे अनुमान के अनुसार, आम आदमी पार्टी को 55 सीटें मिलेंगी। लेकिन अगर महिलाएं पूरे जोश के साथ मतदान करें और अपने घर के पुरुषों को भी AAP को वोट देने के लिए प्रेरित करें, तो यह संख्या 60 से ज्यादा हो सकती है।"

AAP के पिछले प्रदर्शन और बढ़ती चुनौती


2015 और 2020 के विधानसभा चुनावों में AAP ने शानदार जीत दर्ज की थी। 2015 में पार्टी ने 70 में से 67 सीटें जीती थीं, जबकि 2020 में यह संख्या 62 रही। भाजपा को इन चुनावों में क्रमशः 3 और 8 सीटें ही मिल पाई थीं, जबकि कांग्रेस दोनों बार खाता खोलने में नाकाम रही थी। हालांकि, इस बार का चुनाव अधिक प्रतिस्पर्धी माना जा रहा है। भाजपा जहां AAP के विजय रथ को रोकने के लिए आक्रामक रणनीति अपना रही है, वहीं कांग्रेस भी वापसी की उम्मीद में पूरी ताकत झोंक रही है।

कांग्रेस की रणनीति और अहम सीटों पर जोर


कभी दिल्ली की सत्ता पर 15 वर्षों तक काबिज रही कांग्रेस, अब अपने पारंपरिक वोट बैंक को फिर से मजबूत करने की कोशिश में जुटी है। खासकर उन सीटों पर फोकस किया जा रहा है जहां मुस्लिम और दलित आबादी का प्रभाव है। कांग्रेस की रणनीति ऐसी सीटों पर AAP को कड़ी टक्कर देने की है। इनमें सीलमपुर, मटिया महल, बल्लीमारान, ओखला, चांदनी चौक, सीमापुरी और सुल्तानपुर माजरा प्रमुख हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी चुनाव प्रचार में पूरी तरह सक्रिय हैं। उनकी रैलियां खासकर उन क्षेत्रों में केंद्रित हैं, जहां मुस्लिम और दलित मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं। इन रैलियों का मकसद कांग्रेस के पारंपरिक वोट बैंक को वापस लाना है, जो कभी दिल्ली में पार्टी की ताकत का मुख्य आधार हुआ करता था।

AAP की रणनीति और सत्ता में वापसी का भरोसा


आप पार्टी अपने शासन के रिकॉर्ड, कल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों के दम पर लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की उम्मीद कर रही है। अरविंद केजरीवाल का महिला मतदाताओं से विशेष रूप से अपील करना उनकी रणनीति को दर्शाता है। पार्टी का उद्देश्य अधिकतम मतदान सुनिश्चित करना और तेजी से बदलते राजनीतिक परिदृश्य में अपने समर्थन आधार को मजबूत करना है। दिल्ली में 5 फरवरी को मतदान होगा और 8 फरवरी को चुनावी नतीजे घोषित किए जाएंगे।