चुनाव आयोग के मुताबिक, 21 राउंड की गिनती के बाद आप को कुल 75,942 वोट मिले, जबकि भाजपा को 58,388 वोटों पर ही संतोष करना पड़ा। कांग्रेस की स्थिति बेहद खराब रही और उसके उम्मीदवार नितिन रानपरिया की जमानत जब्त हो गई। उन्हें केवल 5,501 वोट मिले।
गौर करने वाली बात यह भी रही कि 1,716 मतदाताओं ने नोटा (NOTA) का विकल्प चुना।
वहीं, कढी विधानसभा सीट पर भाजपा ने अपनी पकड़ बनाए रखी। पार्टी के उम्मीदवार राजेंद्र कुमार धनेश्वर चावड़ा ने कांग्रेस के रमेशभाई चावड़ा को 39,452 वोटों के अंतर से हराया। भाजपा को 99,742 वोट मिले, जबकि कांग्रेस को 60,290। आम आदमी पार्टी यहां तीसरे स्थान पर रही और उसके प्रत्याशी जगदीश भाई चावड़ा को केवल 3,090 वोट हासिल हुए।
चार राज्यों की पांच विधानसभा सीटों पर हुए इन उपचुनावों में भाजपा का प्रदर्शन मिश्रित लेकिन निराशाजनक रहा।
गुजरात में दो में से एक सीट गंवानी पड़ी, जबकि अन्य राज्यों में भी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। पंजाब की लुधियाना वेस्ट सीट पर भाजपा तीसरे स्थान पर रही।
केरल की नीलांबुर सीट पर पार्टी को चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा।
पश्चिम बंगाल की कालीगंज विधानसभा सीट पर भी भाजपा को 31,154 वोटों से पराजय का सामना करना पड़ा।





