उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, “यह शिकायत नहीं, बल्कि तारीफ है। देखिए, आपका बच्चा दसवीं पास कर चुका है, ग्रेजुएट भी हो चुका है, फिर भी उसे चपरासी की नौकरी तक नहीं मिल रही। और उधर एक बच्चा 9वीं पास भी नहीं है, लेकिन सत्ता के शिखर तक पहुँचाने की कोशिश हो रही है।” पीके ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी और राज्य सरकार में मंत्री अशोक चौधरी पर भी बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अशोक चौधरी ने अपनी बेटी को सांसद बनवाने के लिए पार्टी टिकट 'खरीदा' था।
प्रशांत किशोर ने कहा, “यह कैसा लोकतंत्र है, जहां पैसे के बल पर सांसद बना दिया जाता है?”
बता दें कि अशोक चौधरी की बेटी शांभवी चौधरी समस्तीपुर से लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) की सांसद हैं। पीके के इस आरोप के बाद अशोक चौधरी ने उन पर मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया है।
प्रशांत किशोर जन सुराज यात्रा के दौरान ही बिहार के सभी प्रमुख राजनीतिक दलों पर लगातार हमले करते आ रहे हैं। चाहे वह आरजेडी हो, जेडीयू हो या फिर बीजेपी—उन्होंने हर पार्टी की कार्यशैली और नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं। अब चुनावी माहौल बनने से पहले उनके बयानों से प्रदेश की राजनीति में गर्माहट आनी तय है।





