पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए प्रशांत किशोर ने कहा, "मुख्यमंत्री गंभीर मानसिक बीमारी से जूझ रहे हैं। मुजफ्फरपुर में निर्भया जैसी घटना घट जाती है, लेकिन राज्य के मुखिया के पास इस पर बोलने का समय नहीं है। क्या यह संवेदनशीलता की कमी नहीं है?" प्रशांत किशोर ने चुनौती देते हुए कहा, "अगर मेरी बात गलत है, तो नीतीश कुमार मुझ पर मानहानि का केस करें और कोर्ट में साबित करें कि वे मानसिक रूप से स्वस्थ हैं। अगर मैं गलत हूँ, तो मुझे जेल भिजवाएं। लेकिन अगर मैं सही हूँ, तो यह राज्य के लिए बेहद गंभीर स्थिति है।"
प्रशांत किशोर, जिन्हें आमतौर पर 'पीके' के नाम से जाना जाता है, एक प्रसिद्ध चुनावी रणनीतिकार और अब सक्रिय राजनीतिज्ञ हैं। उनका जन्म 1977 में बिहार के बक्सर जिले में हुआ था। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के साथ करीब 8 वर्षों तक काम किया, उसके बाद भारतीय राजनीति में कदम रखते हुए कई सफल चुनावी अभियानों की रणनीति तैयार की। इनमें 2014 लोकसभा चुनाव, 2015 बिहार विधानसभा चुनाव, 2021 के पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु चुनाव प्रमुख हैं।
चुनावी रणनीतिकार की भूमिका से आगे बढ़ते हुए प्रशांत किशोर ने 'जन सुराज' अभियान की शुरुआत की है। उनका उद्देश्य है—बिहार की राजनीति में आमूलचूल परिवर्तन लाना। उन्होंने स्पष्ट किया है कि अब वह सत्ता की राजनीति नहीं, बल्कि नीति और व्यवस्था में बदलाव के लिए सक्रिय हैं।





