दरअसल, बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर विपक्षी महागठबंधन की एक महत्वपूर्ण बैठक हाल ही में संपन्न हुई, जिसमें जेएमएम को आमंत्रित नहीं किया गया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा,
"अगर हमें बुलाया नहीं गया, तो हम वहां जाएंगे भी नहीं। हम एक स्वतंत्र राजनीतिक दल हैं और बिहार में हमारा अपना संगठन है। आने वाले समय में हम वहां अपनी ताकत दिखाएंगे।"
भट्टाचार्य ने आगे कहा,
"मैं कांग्रेस और आरजेडी को यह याद दिलाना चाहता हूं कि हमने उन्हें झारखंड में गठबंधन में पूरे सम्मान के साथ शामिल किया है। अब उनकी जिम्मेदारी है कि वे बिहार में उसी तरह से गठबंधन धर्म निभाएं।"
गौरतलब है कि झारखंड में तीनों दल—जेएमएम, आरजेडी और कांग्रेस—एक साझा सरकार चला रहे हैं, लेकिन बिहार में रणनीति और समन्वय को लेकर मतभेद उभरने लगे हैं।
महागठबंधन की यह बैठक नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के सरकारी आवास पर हुई, जिसमें सीट बंटवारे, चुनावी रणनीति और सत्ता पक्ष को घेरने जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में तेजस्वी यादव के अलावा मुकेश सहनी, कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावारु, प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और वाम दलों के वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। तेजस्वी ने कहा कि बैठक पूर्व निर्धारित थी और इसमें गठबंधन की सभी समितियों ने हिस्सा लिया।





