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दिल्ली पुलिस की बड़ी लापरवाही, लाइसेंसी हथियारों की संख्या में 3,700 का बड़ा फर्क, नहीं पता सही डेटा, जांच जारी

दिल्ली में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर लाइसेंसी हथियारों को थानों में जमा करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, लेकिन इस दौरान एक बड़ी विसंगति सामने आई है।

दिल्ली पुलिस की बड़ी लापरवाही, लाइसेंसी हथियारों की संख्या में 3,700 का बड़ा फर्क, नहीं पता सही डेटा, जांच जारी
फोटो: Delhi police, licensed weapons

दिल्ली में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर लाइसेंसी हथियारों को थानों में जमा करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, लेकिन इस दौरान एक बड़ी विसंगति सामने आई है। दरअसल, दिल्ली पुलिस के विभिन्न थानों के पास लाइसेंसी हथियारों की संख्या की सही जानकारी नहीं है। लाइसेंसिंग विभाग और पुलिस थानों के आंकड़े मेल नहीं खा रहे हैं, जिससे यह मुद्दा गंभीर रूप से उठकर सामने आया है। 


इस तथ्य का खुलासा तब हुआ जब चुनावी प्रक्रिया के तहत दिल्ली पुलिस द्वारा विभिन्न जिलों से लाइसेंसी हथियारों के आंकड़े एकत्र किए गए और फिर इन आंकड़ों के बीच भारी अंतर पाया गया। दिल्ली पुलिस की चुनावी सेल ने इस विसंगति को लेकर सभी जिलों की पुलिस को पत्र भेजकर आंकड़ों में सुधार करने का निर्देश दिया है। पुलिस की चुनावी सेल ने लाइसेंसी हथियारों के आंकड़े दोनों पक्षों – लाइसेंसिंग विभाग और जिलों के पुलिस थानों – से मांगे थे। BUN

लाइसेंसिंग विभाग के अनुसार, दिल्ली में कुल 51,749 लाइसेंसी हथियार हैं, जबकि विभिन्न जिलों की पुलिस के अनुसार, उनके पास कुल 47,986 लाइसेंसी हथियार हैं। यह आंकड़ा लगभग 3,700 से अधिक हथियारों का फर्क दर्शाता है, जो बेहद चिंताजनक है। इतना ही नहीं, दिल्ली के कई जिलों की पुलिस ने मुख्यालय को गलत आंकड़े भेजे हैं। उदाहरण के लिए, नई दिल्ली जिले के थानों को लगभग 2,600 लाइसेंसी हथियारों की जानकारी नहीं थी। इस पर, दिल्ली पुलिस की चुनावी सेल ने सभी जिला डीसीपी को पत्र लिखकर अपने-अपने क्षेत्रों में हथियारों की स्थिति का फिर से सत्यापन करने और सही आंकड़े जमा करने के निर्देश दिए हैं। 


इसके अलावा, लाइसेंसिंग विभाग से प्राप्त सूची भी सभी थानों को प्रदान की गई ताकि पूरी जानकारी एकत्र की जा सके और कोई त्रुटि न रह जाए। वहीं, सत्यापन प्रक्रिया के दौरान यह भी सामने आया कि दिल्ली के तीन जिलों में लाइसेंसी हथियारों की संख्या विभाग द्वारा जारी आंकड़ों से अधिक बताई गई। रोहिणी जिले में जहां 1,852 हथियारों के लाइसेंस जारी किए गए थे, वहीं पुलिस ने वहां 1,918 हथियार होने की सूचना दी।

 इसी तरह, पूर्वी दिल्ली जिले में 2,427 लाइसेंसी हथियारों के मुकाबले पुलिस ने 2,500 हथियारों का दावा किया, और शाहदरा जिले में 3,531 की जगह 3,631 हथियार होने की जानकारी दी गई। यह स्थिति गंभीर इसलिए है क्योंकि चुनावी प्रक्रिया के दौरान हथियारों की संख्या का सही-सही आंकलन जरूरी होता है, ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके और किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। अब पुलिस और लाइसेंसिंग विभाग के अधिकारियों को इस फर्क को दूर करने और सही आंकड़े सुनिश्चित करने के लिए सभी कदम उठाने होंगे।

 
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