
शीतकालीन सत्र का तीसरा दिन जारी, केंद्रीय कृषि मंत्री बोले- किसानों की मौत का नहीं है रिकॉर्ड
- 3 कृषि कानूनों के चलते किसान आंदोलन में विरोध के दौरान कई किसानों की जान चली गई थी।
- संसद के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन केंद्र सरकार ने कहा कि विरोध में मारे गए किसानों के बारे में उसे कोई जानकारी नहीं है।
- इसमें कहा गया है कि ऐसी स्थिति में वित्तीय सहायता में मुआवजा ओर अन्य सहायता देने का सवाल ही नहीं उठता।
- संसद के चल रहे शीतकालीन सत्र में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने लोकसभा में यह लिखित जवाब दिया है।
- इस पर विपक्ष ने जबाब देते हुए कहा कि 'कृषि कानूनों के खिलाफ सालभर चले आंदोलन के दौरान 700 किसानों की हुई है मौत'
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