
मनरेगा में प्रधान द्वारा मनमानी, अधिकारियों की मिलीभगत से हो रही सरकारी धन की लूट
- सिद्धार्थनगर जिले के भनवापुर विकास खण्ड के अन्तर्गत ग्राम पंचायत नावडीह मे ग्राम प्रधान के द्वारा मनरेगा कार्यों मे धांधली देखने को मिली है। जहां ग्राम पंचायतों मे काम तो तेजी के साथ हो रहा है।
- मौके पर मनरेगा मजदूरों की उपस्थिति देखने को नही मिला जहाँ ग्राम पंचायतों के मनरेगा जाबकार्ड धारकों का नाम डालकर सरकारी धन का गलत दुरूपयोग किया जा रहा है नावडीह मे ग्राम पंचायत का जो साइन वोर्ड लगाया है उस पर न तो कार्य योजना का नाम अंकित है और न ही उस योजना पर कितना धन सरकार के द्वारा आंवटित किया गया है।
- उस सूचना पट पर अंकित देखने को नहीं मिला जब कि पीडब्ल्यूडी रोड से सोइया ताल तक का जो कार्य हो रहा है उस पर 30/09/21 से 26/10/21 का कार्य दिखाई दे रहा है जिस पर लगातार कई मनरेगा श्रमिकों के द्वारा काम किया जा रहा है।
- जबकि मौके पर दो ही श्रमिक काम करते दिखाई दिया वहीं जब मनरेगा जाबकार्ड धारकों से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि हम लोग इस कार्य योजना पर आज दो दिन से काम कर रहे है। यह सबसे बड़ी विभागीय अधिकारियों की उदासीनता कहे या फिर मिलीभगत का खेल है।
- जबकि मिली जानकारी के अनुसार ग्राम प्रधान के द्वारा मनरेगा मे फर्जी जाबकार्ड धारकों का नाम डालकर 200 -300 रुपये देकर उनसे पैसा निकलवाकर लिया जाता है आखिर इस तरह से ग्राम प्रधान के द्वारा लूटखसोट कब तक चलेगा।




























































