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जिन कंपनियों को बनाने में सालो लगे उन्हें बेचने का मकसद बताए मोदी सरकार - चिदंबरम
- कोरोना संकट के बीच केंद्र की मोदी सरकार सरकारी कंपनियों को तेजी से निजी हाथों में सौंप रही है, जिसे लेकर विपक्ष हमलावर है.
- कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन को लेकर कहा- केंद्र सरकार को राजस्व एकत्र करने के इस लक्ष्य को बताना चाहिए.
- उन्होंने कहा- जिन संपत्तियों को सरकार निजी हाथों में दे रही है, उससे इस वक्त भी राजस्व मिल रहा है, ऐसे में छह लाख करोड़ का सरकार क्या करेगी.
- चिदंबरम ने कहा, एनएमपी के पीछे की मंशा एनआईपी के समानांंतर चलने की है, एनआईपी के लिए 100 लाख करोड़ की जरूरत होगी फिर 6 लाख करोड़ में कैसे होगा.
- उन्होंने कहा- कांग्रेस ने कभी भी सामरिक महत्व वाली सरकारी संपत्तियों को नहीं बेचा, हमने हमेशा सुनिश्चित किया कि किसी तरह का एकाधिकार न हो.
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