
जमीयत सह-शिक्षा के खिलाफ, कहा- गैर-मुस्लिम बेटियों को लड़कों के साथ न पढ़ाएं, अनैतिकता से बचाएं
- जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि गैर-मुस्लिम लोगों को बेटियों को सह-शिक्षा देने से सोचना चाहिए ताकि वो अनैतिकता की चपेट में न आएं।
- मदनी ने मॉब लिंचिंग की घटनाओं को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा- खुद को धर्मनिरपेक्ष कहने वाले राजनीतिक दलों को इस अपराध के खिलाफ कानून बनाना चाहिए।
- मदनी ने कहा- अनैतिकता और अश्लीलता किसी भी धर्म की शिक्षा नहीं है। इनकी हर धर्म में निंदा की गई है, क्योंकि इनसे समाज में कदाचार फैलता है।
- उन्होंने कहा- SC के सख्त निर्देश के बाद भी मॉब लिंचिंग की घटनाएं थम नहीं रही, क्या यह संभव है कि ऐसा करने वालों को राजनीतिक संरक्षण और समर्थन न मिला हो?
- मदनी के अनुसार, ‘‘ऐसी घटनाएं उस समय अचानक बढ़ जाती हैं, जब किसी राज्य में चुनाव होते हैं। यह बहुत चिंता की बात है।’’




























































