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मोदी सरकार की सफाई, कहा- सड़क-रेल-हवाई अड्डा बेचेंगे नहीं बल्कि किराए पर चढ़ाएंगे
- कोरोना संकट के बीच निजीकरण की तरफ तेजी से बढ़ती मोदी सरकार ने एसेट मोनेटाइजेशन के लिए नीति आयोग को रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी दी है.
- नीति आयोग ने उन संपत्तियों की एक सूची तैयार की है जहां एसेट मोनेटाइजेशन की संभावना है, इसमें टेलिकॉम, सड़क, हाईवे, पेट्रोलियम एवं नेचुरल गैस शामिल है.
- सरकार का कहना है कि नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन कार्यक्रम से साल 2025 तक सरकार को छह लाख करोड़ रुपए की कमाई होगी.
- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा जो कंपनियां घाटे में चल रही हैं उन्हें बेचा जा रहा है, बाकी तमाम कंपनियों को किराए पर दिया जा रहा है जहां से पैसे आएंगे.
- वित्त मंत्री के मुताबिक ये कंपनियां कुछ सालों तक निजी हाथों में रहेंगी लेकिन आगे इन्हें केंद्र सरकार फिर से ले लेगी, हालांकि इसकी संभावना कम नजर आ रही है.
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