आम आदमी अपना पेट पालने का संघर्ष कर रहा, उसे पेगासस की शायद ही कोई परवाह- SC पूर्व जज

  • देश में पेगासस स्पाइवेयर विवाद को लेकर बवाल मचा हुआ है, इस पर सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस रह चुके मार्कण्डेय काटजू ने अपने विचार व्यक्त किए हैं। 
  • उन्होंने लिखा-  इस केस की यथार्थवादी ऐंगल से भी जांच की जानी चाहिए। पेगासस मुद्दा भारत में आम आदमी को शायद ही प्रभावित करता है। 
  • आम आदमी का मुद्दा- बेरोजगारी, स्वास्थ्य, महंगाई, कृषि संकट, बाल कुपोषण का भयावह स्तर, शिक्षा आदि है। 
  • सच तो यह है कि भारत में आम आदमी अपना और अपने परिवार का पेट भरने के लिए संघर्ष कर रहा है और उसे पेगासस की शायद ही कोई परवाह है। 
  • काटजू ने लिखा- कुछ लोगों की राय है कि पेगासस केस का अर्थ भारत में लोकतंत्र खत्म होने से है लेकिन भारतीय लोकतंत्र बड़े पैमाने पर जातीय और सांप्रदायिक वोट बैंक था।
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