
मोदी मेहरबान! रामदेव को मिला किसानों का डेटा जमा करने का ठेका, बिना अनुभव ऐप बनाएगी पतंजलि
- स्मार्ट फार्मिंग के नाम पर केंद्र सरकार ने बाबा रामदेव की पतंजलि को बड़ी जिम्मेदारी दे दी है, पतंजलि अब किसानों का सारा डेटा जमा करेगी और उसे एक ऐप में इकट्ठा करेगी।
- रामदेव की कंपनी को किसानों की जनसांख्यिकीय जानकारिया, उनकी जमीनों और उसमें उगने वाली फसलों, जमीनों की गुणवत्ता आदि के अधिकार मिल गए हैं।
- नेशनल हेराल्ड को मिले दस्तावेजों से सिद्ध होता है कि केंद्र के कृषि मंत्रालय और पतंजलि के बीच इस समझौते पर पहली जून, 2021 को हस्ताक्षर हुए हैं।
- पतंजलि ऑर्गेनिक रिसर्च इंस्टीट्यूट प्राइवेट लिमिटेड और किसान कल्याण मंत्रालय के बीच यह समौझते किसानों के लिए बेहतर इकोसिस्टम बनाने की पहल बताया जा रहा।
- किसान आंदोलन से जुड़े एक डेटा एक्टिविस्ट ने कहा- बाबा रामदेव की कंपनी को डेटा कलेक्शन और डेटा प्रोसेसिंग और एनालिसिस का कोई अनुभव नहीं है, फिर भी काम सौंपा गया है।




























































