
लैब में बना हो सकता है कोरोना वायरस, टीकाकरण से ही तीसरी लहर पर पाया जा सकता है काबू- ICMR वैज्ञानिक
- आईसीएमआर में चीफ एपिडेमोलॉजिस्ट डॉक्टर समीरन पांडा का कहना है कि संभव है कि वायरस में जेनेटिक इंजीनियरिंग हुई हो।
- उन्होंने कहा- यह बाते सोचने की है कि जो वायरस पहले सिर्फ जानवरों में ही खतरनाक होता था, वह इंसानों में कैसे इतना खतरनाक होने लगा।
- डॉक्टर पांडा ने कहा- इससे यह जरूर शक पैदा करता है कि कहीं वायरस में जेनेटिक इंजीनियरिंग हुई है, हालांकि वैज्ञानिकों का शोध जारी है।
- उन्होंने डेल्टा प्लस को लेकर कहा- इस बात के कोई पुख्ता प्रमाण नहीं हैं कि यह वायरस उतनी ही तबाही मचाएगा जितनी दूसरी लहर में मची थी।
- उन्होंने कहा कि टीकाकरण से वायरस के खिलाफ लड़ने की क्षमता हमारे शरीर में बहुत बढ़ जाती है, यानी टीकाकरण ही एक मात्र इलाज है।




























































