प्राइवेटाइजेशन पर जोर! जल्द ही दो सरकारी बैंको को निजी हाथों में सौंपेगी मोदी सरकार

  • कोरोना संकट के बीच दो अन्य सरकारी बैंकों को निजी हाथों में देने की तैयारी शुरु हो गई है, इसकी आहट के साथ ही दोनों बैंको के शेयर में तेजी देखी गई.
  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण के दौरान ही निजीकरण की बात कही थी, अब इंडियन ओवरसीज बैंक एवंं सेंट्रल बैंंक ऑफ इंडिया का चयन किया है.
  • निजीकरण ने नीति आयोग से इन्हीं दोनों बैंंको के नाम की सिफारिश की थी, इसके लिए सरकार बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट में बदलाव करेगी.
  • ये दोनों ही बैंक छोटे हैं इसलिए निजीकरण में जोखिम कम होगा, सरकारी बैंको को घटाने के क्रम में सरकार पिछले साल 10 बैंको को 4 बैंको में विलय कर चुकी है.
  • गौरतलब है कि सरकार खर्चा घटाने में जुटी है, 2021-22 में विनिवेश से 1.75 लाख करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य रखे हुए है.
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