
सेक्सुअल ऐड पर चला हाईकोर्ट का डंडा, कहा- महिलाओं का चित्रण शालीनता के स्थापित मानदंडो के भीतर हो
- मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै खंडपीठ ने एक आदेश जारी कर सेक्सुअल विज्ञापनों जैसे के कंडोम और कामोत्तेजक वस्तुओं के प्रसारण पर रोक लगाई है।
- पीठ ने कहा है कि यह हैरानी की बात है कि रात 10 बजे के करीब लगभग सभी टीवी चैनल कंडोम की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए अश्लील विज्ञापन चलाते है।
- कोर्ट ने कहा ‘कंडोम और आंतरिक वस्त्र बेचने के नाम पर’ चलाए गए विज्ञापन केबल टेलीविजन नेटवर्क नियम, 1994 के नियम 7(1) का उल्लंघन कर रहे थे।
- कोर्ट ने केबल ऑपरेटरों को सभी कार्यक्रमों में महिलाओं का चित्रण ‘सौंदर्यमय और सुरुचिपूर्ण’ तथा ‘शालीनता के स्थापित मानदंडों के भीतर’ करने के आदेश दिए।
- अदालत ने सरकार से भी सिनेमैटोग्राफ अधिनियम 1952 की धारा 5 (ए) के तहत कार्यक्रमों के सेंसरशिप के पहलू पर जवाब देने के आदेश दिए है।
