
बिहार विस चुनाव: अब जीत की वजह नहीं, जीत का ‘चेहरा’ बनेंगे प्रशांत किशोर
- 2014 में मोदी सरकार को जीत का फॉर्मूला देने वाले प्रशांत किशोर बिहार विधानसभा चुनाव में एक विकल्प पेश कर सकते हैं।
- आजतक डॉट इन से बातचीत करते हुए पूर्व जेडीयू उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में उनकी भूमिका रणनीतिकार की नहीं, एक राजनीतिक कार्यकर्ता की है।
- अपने जीते हुए चुनावों का जिक्र करते हुए प्रशांत ने कहा कि, ‘यूपी को छोड़ मैंने रणनीतिकार के रूप में कभी कोई चुनाव नहीं हारा। मैं चुनाव जीतने के लिए हूँ।’
- आगे उन्होंने कहा कि वें अब राजनीति से दूर नहीं जाएंगे बल्कि वह अपनी राजनीतिक सक्रियता को और आगे बढ़ाने के बारे में सोच रहे हैं।
- बता दे कि, पीके के नाम से मशहूर राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर, 2015 में बिहार में महागठबंधन की जीत में अहम भूमिका निभा चुके हैं।
Tuesday, 18 February 2020
