
सिंगाजी और सारणी संयंत्र के लिए सिर्फ धुला कोयला मंगाएगी मध्यप्रदेश सरकार
- एक हजार किलोमीटर दूर कोरबा और सिंगरौली की खदान से बिजली संयंत्रों के लिए धुला हुआ कोयला मंगाया जाएगा।
- इससे सिंगाजी और सारणी संयंत्र में लॉयजनर्स पर की जा रही करोड़ों की फिजूलखर्ची पर अंकुश लग सकेगा।
- कोयला परिवहन में गड़बड़ियों को रोकने के लिए राज्य सरकार ने यह कदम उठाया है।
- केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के नियमों को दरकिनार कर अब तक एक हजार किलोमीटर की दूर स्थित बिजली संयंत्रों के लिए बिना धुला कोयले का परिवहन किया जा रहा था।
- नियमानुसार जिस कोयले से 34 फीसदी से ज्यादा राख निकलती है, उसे धुलवाने के बाद ही ले जाना चाहिए।
Saturday, 16 November 2019
