'बीवी को गोली मारने से बेहतर है 3 तलाक'
Latest News
bookmarkBOOKMARK

'बीवी को गोली मारने से बेहतर है 3 तलाक'

By Aajtak calender  25-Jul-2019

'बीवी को गोली मारने से बेहतर है 3 तलाक'

तीन तलाक बिल को लेकर लोकसभा में चर्चा शुरू हो गई है। केंद्र सरकार ने तीसरी बार लोकसभा में इस बिल को पेश किया है, यहां से मंजूरी मिलने के बाद इसे राज्यसभा में पेश किया जाएगा। इस बीच समाजवादी पार्टी के सांसद एसटी हसन सदन से बाहर अनर्गल बयान देते हुए कहा है कि बीवी को गोली मारने से बेहतर तीन तलाक देकर रुखसत करना है। उन्होंने कहा, 'बीवी को गोली मारने से अच्छा है कि उसे तलाक दे दें। किसी भी मजहब के निजी मामले में सरकार को दखल नहीं देना चाहिए। इसे सिर्फ एक फिरका मानता है। एक साथ तीन तलाक को सभी लोग नहीं मानते और एक महीने का गैप रखा जाता है।' 
उन्होंने कहा, 'कभी-कभी ऐसे हालात होते हैं कि अलग होना ही रास्ता होता है तो गोली मारने से बेहतर है कि तीन तलाक देकर महिला को निकाल दिया जाए। सिर्फ हजरत अबू हनीफा को मानने वाले फिरके के लोग ही एक साथ तीन तलाक लेते हैं। यह लड़की वालों पर ही छोड़ दिया जाए कि अबू हनीफा को मानने वालों के यहां शादी करें या नहीं।'
बिना कोर्ट के दोषी ठहराए लोगों को 'आतंकवादी' घोषित करेगी सरकार?
हिंदू, ईसाई को एक साल, मुस्लिमों को तीन साल सजा क्यों? 
मुस्लिम महिलाओं से न्याय के सवाल पर एसटी हसन ने कहा, 'महिलाओं के साथ इस्लाम ने बहुत न्याय किया है। वह जब चाहें अपने पति से खुला ले सकती हैं। मुस्लिम पर्सनल लॉ में बदलाव करना और शरीयत में बदलाव करना गलत है। यदि आप किसी पुरुष को तीन तलाक पर तीन साल की सजा देते हैं तो फिर वह परिवार को गुजारा भत्ता कैसे देगा। क्या यह गलत नहीं है। यदि हिंदू और ईसाई पुरुषों को ऐसे मामले में महज एक साल की ही सजा है तो फिर मुस्लिमों को तीन वर्ष की सजा क्यों।' 
पीडीपी सांसद बोले, मुस्लिम के तौर पर हूं खिलाफ 
समाजवादी पार्टी के एसटी हसन की तरह ही पीडीपी के सांसद नजीर अहमद का रुख था। उन्होंने कहा, 'मैं तीन तलाक बिल को लेकर विरोध में हूं। मैं मुस्लिम के नाते इसके खिलाफ हूं। सरकार को जो करना है करे, लेकिन हमें बर्दाश्त नहीं हैं।' 
दहेज उत्पीड़न में 7 साल सजा, फिर सवाल क्यों: बीजेपी सांसद 
एसटी हसन समेत कई नेताओं की आपत्तियों को लेकर पूछे गए सवाल पर बीजेपी के राज्यसभा सांसद ने राकेश सिन्हा ने कहा कि यह महिला विरोधी नजरिया है। उन्होंने कहा कि तीन साल सजा को लेकर सवाल उठाने वाले लोगों को यह सोचना चाहिए कि दहेज उत्पीड़न रोकथाम कानून के तहत 7 साल की सजा का प्रावधान है। 
 

MOLITICS SURVEY

क्या संतोष गंगवार के बयान का असर महाराष्ट्र चुनाव में होगा ?

TOTAL RESPONSES :

Raise Your Voice
Raise Your Voice 

Suffering From Problem In Your Area ? Now Its Time To Raise Your Voice And Make Everyone Know