श्रद्धांजलि के बाद बोलीं सोनिया: नेता से ज्यादा दोस्त थीं शीला दीक्षित, राहुल नहीं पहुंचे
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श्रद्धांजलि के बाद बोलीं सोनिया: नेता से ज्यादा दोस्त थीं शीला दीक्षित, राहुल नहीं पहुंचे

By Amar Ujala calender  21-Jul-2019

श्रद्धांजलि के बाद बोलीं सोनिया: नेता से ज्यादा दोस्त थीं शीला दीक्षित, राहुल नहीं पहुंचे

यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने कांग्रेस मुख्यालय पहुंचकर पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन किए। श्रद्धांजलि देने के बाद सोनिया गांधी ने कहा कि शीला दीक्षित एक नेता से ज्यादा दोस्त थीं। शीला दीक्षित से कई यादें जुड़ी हैं। शीला दीक्षित के जाने की बहुत कमी खलेगी। सोनिया गांधी ने कहा कि वह मेरे लिए बहुत बड़ी सहायक थीं। कांग्रेस पार्टी के लिए यह एक बड़ी क्षति है। मैं उन्हें हमेशा याद रखूंगी।

दरअसल, राहुल गांधी बुधवार को अमेरिका गए थे, राहुल के 22 या 23 जुलाई को अमेरिका से लौटेंगे। ऐसे में राहुल गांधी दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के अंतिम दर्शन करने नहीं पहुंच पाए हैं। गौरतलब है कि तीन बार दिल्ली की सीएम रहीं वरिष्ठ कांग्रेस नेता शीला दीक्षित (81) का शनिवार को निधन हो गया। वह लंबे अरसे से बीमार थीं और तीन बार बाईपास सर्जरी हो चुकी थी। उल्टी की शिकायत के बाद शनिवार सुबह उन्हें एस्कॉर्ट्स फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया।
दिल का दौरा पड़ने से दोपहर बाद 3:55 बजे उनका निधन हो गया। सबसे लंबे समय तक दिल्ली की सीएम रहीं दीक्षित को राष्ट्रीय राजधानी के विकास का चेहरा माना जाता है। दिल्ली सरकार ने उनके निधन पर दो दिन का राजकीय शोक घोषित किया है।

फोर्टिस एस्कॉर्ट अस्पताल के मुताबिक पूर्व सीएम को दौरा पड़ने के चलते गंभीर स्थिति में अस्पताल लाया गया। दोपहर बाद फिर दिल का दौरा पड़ा और उन्हें नहीं बचाया जा सका। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शीला दीक्षित के निजामुद्दीन स्थित घर पर जाकर उनके पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन किए और श्रद्धांजलि दी। यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी भी शीला दीक्षित के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन करने के लिए पहुंचीं। 

पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने शीला दीक्षित के पार्थिव शरीर को नमन किया और श्रद्धांजलि दी। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शीला दीक्षित के पार्थिव शरीर को नमन किया और श्रद्धांजलि दी। पूर्व प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि यह देश और कांग्रेस पार्टी के लिए बहुत बड़ी क्षति है। दिल्ली के परिवर्तन की दिशा में उनके योगदान को लंबे समय तक याद रखेगा।
 

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