बिजली पर बिहार से दो दशक पुराना विवाद सुलझा, झारखंड का हुआ टीवीएनएल
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बिजली पर बिहार से दो दशक पुराना विवाद सुलझा, झारखंड का हुआ टीवीएनएल

By Jagran calender  19-Jul-2019

बिजली पर बिहार से दो दशक पुराना विवाद सुलझा, झारखंड का हुआ टीवीएनएल

पड़ोसी बिहार के लिए अच्छी खबर है। झारखंड के सबसे बड़े विद्युत उत्पादक संयंत्र तेनुघाट विद्युत निगम लिमिटेड (टीवीएनएल) ने उत्पादन में 40 फीसद हिस्सेदारी बिहार को देने पर मुहर लगा दी है। दोनों राज्यों के बीच इसे लेकर पिछले लगभग 20 साल से विवाद चला आ रहा था। बिहार ने इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट की शरण ले रखी थी। इस बाबत सुप्रीम कोर्ट में दो एसएलपी विचाराधीन है।
बिहार की दलील थी कि तेनुघाट विद्युत निगम लिमिटेड (टीवीएनएल) का रजिस्टर्ड कार्यालय पटना में है और इस लिहाज से उसका स्वामित्व इस ऊर्जा उत्पादक संयंत्र पर बनता है। जबकि, झारखंड इसे अपने भौगोलिक दायरे में रहने का तर्क देते हुए पूर्ण स्वामित्व छोड़ने को तैयार नहीं था। जब न्यायिक प्रक्रिया के तहत इसपर बात नहीं बनी तो समाधान का प्रयास दोनों राज्यों के स्तर पर तेज हुआ।
बिहार सरकार ने पिछले वर्ष 17 सितंबर को इस बाबत झारखंड सरकार संग पहल की। बिहार सरकार ने इच्छा जताई कि इस विवाद का समाधान न्यायालय के बाहर करना ठीक होगा। बिहार ने शर्त लगाई कि अगर टीवीएनएल के उत्पादन का 40 फीसद हिस्सा देने को झारखंड राजी हुआ तो राज्य सरकार विद्युत उत्पादक संयंत्र के स्वामित्व की दावेदारी छोड़ देगी।
इसी पत्र के बाद झारखंड सरकार ने भी विवाद सुलझाने की दिशा में कदम आगे बढ़ाए। कई दौर की बैठकों के बाद दोनों राज्यों के अधिकारी इस नतीजे पर पहुंचे, लिहाजा इसे सुलझाने में सफलता मिली। झारखंड सरकार ने कैबिनेट की मंजूरी के बाद इस बाबत बकायदा संकल्प पत्र जारी कर दिया है। इसे राज्य सरकार के गजट में प्रकाशित किया जाएगा।
झारखंड सरकार का फैसला 
  • - टीटीपीएस, ललपनिया के विस्तारीकरण परियोजना से 40 फीसद बिजली साझा करने की स्वीकृति।
  • - बिहार को दी जाने वाली बिजली का रेट तय करेगा सक्षम प्राधिकार या विद्युत नियामक आयोग।
  • - बिहार तक उत्पादित बिजली को साझा करने के लिए संचरण लाइन की आवश्यकता होगी। इसके निर्माण पर होने वाला खर्च भी बिहार वहन करेगा।
  • - बिहार को आपूर्ति की जाने वाली बिजली के विरुद्ध आवश्यक भुगतान एस्क्राल एकाउंट के माध्यम से।

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