शेरों की अवैध सफारी पर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने गुजरात से किया जवाब-तलब
Latest News
bookmarkBOOKMARK

शेरों की अवैध सफारी पर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने गुजरात से किया जवाब-तलब

By Jagran calender  16-Jul-2019

शेरों की अवैध सफारी पर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने गुजरात से किया जवाब-तलब

राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने गुजरात सरकार से गिर के बाहर बू़ढ़े शेरों के लिए बनाई गई सफारी को लेकर जवाब-तलब किया है। गिर के समीप ही केंद्रीय जू अथॉरिटी की अनुमति के बिना संचालित देवलिया सफारी में शेरों ने एक कर्मचारी को मार दिया और दो को घायल कर दिया। मामले को लेकर मध्य प्रदेश के आरटीआई एक्टिविस्ट अजय दुबे ने राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग में याचिका लगाई थी।
आयोग ने गुजरात सरकार के वन व पर्यावरण विभाग को आठ सप्ताह के भीतर इस मामले में अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। दुबे ने आयोग के समक्ष शिकायत में कहा था कि जूनागढ़ जिले में गिर अभयारण्य के पास ही देवलिया सफारी पार्क में 29 नवंबर, 2018 को दो शेरों के हमले में एक कर्मचारी रजनीश केशवाला की मौत हो गई व दो अन्य घायल हो गए थे। उन्होंने सफारी की वैधानिकता पर सवाल उठाए हैं। दुबे ने अपनी शिकायत में कहा कि गुजरात सरकार, गिर क्षेत्र के बाहर देवलिया सफारी को अवैध रूप से संचालित कर रही है, जिसमें बूढ़े शेरों को रखा गया है। वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत देवलिया सफारी को चलाने के लिए 'सेंट्रल जू अथॉरिटी' से पूर्व अनुमति नहीं ली गई।

MOLITICS SURVEY

क्या करतारपुर कॉरिडोर खोलना हो सकता है ISI का एजेंडा ?

हाँ
  46.67%
नहीं
  40%
पता नहीं
  13.33%

TOTAL RESPONSES : 15

Raise Your Voice
Raise Your Voice 

Suffering From Problem In Your Area ? Now Its Time To Raise Your Voice And Make Everyone Know