LokSabha Election : सियासी रण में ताल ठोकने वाले उम्मीदवारों में कोई छठी पास तो कोई Phd
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LokSabha Election : सियासी रण में ताल ठोकने वाले उम्मीदवारों में कोई छठी पास तो कोई Phd

By Jagran   17-May-2019

LokSabha Election : सियासी रण में ताल ठोकने वाले उम्मीदवारों में कोई छठी पास तो कोई Phd

लोकसभा चुनाव के रण में उतरे सियासी महारथियों का जनाधार कैसा है यह तो चुनाव परिणाम आने पर ही पता चलेगा, लेकिन इससे पहले यह बात साफ है कि इनकी शैक्षिक योग्यता में काफी अंतर है। चंडीगढ़ से ताल ठोकने वाले उम्मीदवारों में कोई छठी पास है तो कोई पीएचडी डिग्री धारक भी है। खास बात यह है कि 36 प्रत्याशियों में से नौ एमए या पीएचडी डिग्रीधारक हैं। वहीं डिग्री के मामले में महिला कैंडीडेट पुरुषों से आगे हैं। कुछ प्रत्याशियों के पास एमटेक की भी डिग्री है। अधिकतर उम्मीदवारों ने चंडीगढ़ से ही पढ़ाई की है।
सभी उम्मीदवार अपनी उपलब्धियों की लंबी-चौड़ी लिस्ट पेशकर मतदाताओं का भविष्य संवारने के वादे कर रहे हैं। इस बीच जनता भी इन उम्मीदवारों को परखने में लगी है। चंडीगढ़ लोकसभा सीट पर 19 मई को मतदान होना है। उसी दिन जनता यह साबित कर देगी कि उसकी नजर में आखिर कौन सा उम्मीदवार सांसद बनने के सबसे योग्य है।
चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों में एक नेता ऐसे भी हैं जो सिर्फ हस्ताक्षर करना ही जानते हैं। चुनाव एफिडेविट में संजय बालान ने बताया है कि वह सिर्फ हिंदी, अंग्रेजी और पंजाबी लैंग्वेज में हस्ताक्षर कर सकते हैं।
निर्दलीय उम्मीदवार प्रोफेसर देवी सिरोही सबसे अधिक पढ़ी-लिखी हैं। इन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी से पीएचडी की डिग्री हासिल की है।
36 प्रत्याशियों में से नौ कैंडिडेट के पास मास्टर डिग्री है। इसमें एमए, एमएससी, एमटेक और पीएचडी तक की डिग्री वाले नेता शामिल हैं। इसमें पांच पुरुष कैंडिडेट और 4 महिला उम्मीदवार हैं। महिलाओं में निर्दलीय उम्मीदवार निधि एमटेक, बीजेपी प्रत्याशी किरण खेर एमए (अंग्रेजी), रमनीत एमए (लोकप्रशासन) की डिग्री हासिल की हुई है। उधर प्रो.देवी सिरोही ने हिस्ट्री में पीएचडी की डिग्री हासिल की है।
दूसरी ओर आठ महिला प्रत्याशियों में शामिल सुनीता 12वीं, प्रेमलता छठी और ज्योति भी 12वीं पास हैं। वहीं पुरुष कैंडिडेट में पांच प्रत्याशी मास्टर डिग्री वाले हैं। आप प्रत्याशी हरमोहन धवन एमएससी (बॉटनी), मनजीत सिंह एमटेक, बूटा सिंह एमए, योगेश ढिंगर एमए (अंग्रेजी) और तेजेंद्र सिंह ने भी एमए की डिग्री हासिल की है। कांग्रेस प्रत्याशी पवन कुमार बंसल के पास बीएससी और एलएलबी की डिग्री है।
चुनावी मैदान में 25 साल से लेकर 78 साल तक के उम्मीदवार मौजूद हैं। 4 उम्मीदवार 70 साल से ऊपर के हैं, जबकि 12 उम्मीदवार 60 साल की उम्र पार कर चुके हैं। चुनाव में सबसे कम उम्र की कैंडिडेट निर्दलीय उम्मीदवार 25 साल की सुनीता हैं। जबकि सबसे सीनियर दो उम्मीदवार हैं, जिसमें आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी हरमोहन धवन और कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के उम्मीदवार लश्कर सिंह की उम्र 78 साल है। 25 से 40 साल की उम्र के चुनाव में 11 उम्मीदवार हैं।
चंडीगढ़ में अधिकतर वोटर पंजाब, हरियाणा, हिमाचल,उतराखंड जैसे राज्यों से ही है। शहर में अधिकतर जनसंख्या नौकरी पेशा लोगों की है। इस बार लोकसभा चुनाव में उतरे कई उम्मीदवार जीरकपुर, पंचकूला, मोहाली, खरड़, करनाल और पंजाब के विभिन्न जिलों से भी हैं। बीजेपी से सांसद चुनी किरण खेर की कॉलेज और यूनिवर्सिटी की पढ़ाई चंडीगढ़ से हुई, लेकिन बॉलीवुड में जाने के बाद सालों बाद 2014 में उनकी शहर में वापसी हुई। कांग्रेस प्रत्याशी पवन बंसल और आप प्रत्याशी हरमोहन धवन पूरी तरह लोकल नेता हैं। चंडीगढ़ की आवाज पार्टी के प्रत्याशी अविनाश सिंह शर्मा मूल रूप से बिहार से हैं, लेकिन काफी वर्षों से वह चंडीगढ़ में ही रह रहे हैं।
 

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