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वेस्ट बंगाल में मेडिकल कॉलेज की छात्रा के साथ गैंगरेप महिला सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

वहीं आरोपियों को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 70(1) के तहत गैंगरेप और धारा 3(5) के तहत संयुक्त आपराधिक जिम्मेदारी के आरोप में तीन आरोपियों को 10 दिन की |

वेस्ट बंगाल में मेडिकल कॉलेज की छात्रा के साथ गैंगरेप महिला सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
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बंगाल में मेडिकल छात्रा से गैंगरेप


पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले के दुर्गापुर शहर में एक मेडिकल कॉलेज की छात्रा के साथ हुए सामूहिक बलात्कार की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। यह घटना 10 अक्टूबर की रात की है, जब पीड़िता अपने पुरुष मित्र के साथ डिनर के लिए बाहर गई थी। लौटते समय तीन लोगों ने उनका रास्ता रोका, और छात्रा का मित्र मौके से भाग गया। इसके बाद आरोपियों ने पीड़िता को जंगल में ले जाकर उसके साथ दरिंदगी की। उसका मोबाइल फोन छीना गया और उसे धमकी दी गई कि अगर उसने किसी को बताया तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें शाफिक शेख, अबू बुरारी, शेख फिरदौस, शेख रियाजुद्दीन और एक अन्य व्यक्ति शामिल हैं। जांच में यह सामने आया कि आरोपियों ने पहले से योजना बनाकर इस वारदात को अंजाम दिया था। वहीं आरोपियों को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 70(1) के तहत गैंगरेप और धारा 3(5) के तहत संयुक्त आपराधिक जिम्मेदारी के आरोप में तीन आरोपियों को 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, रविवार को गिरफ्तार किए गए तीन संदिग्धों के पास से पीड़िता का मोबाइल फोन बरामद हुआ है। जांच में सामने आया कि आरोपियों में से एक ने पीड़िता को अपने या साथी के फोन से कॉल किया था, जिसे ट्रेस किया गया। मोबाइल टावर सिग्नल को ट्रैक करने के बाद पुलिस ने कॉलेज के पीछे जंगल में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया, जिससे तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी संभव हो सकी है।

इस मामले पर राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने संज्ञान लेते हुए पांच दिनों में कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। वहीं, पश्चिम बंगाल महिला आयोग ने भी खुद संज्ञान लिया है और पुलिस से 15 दिनों में रिपोर्ट मांगी है।इस घटना पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का बयान भी विवादों में आ गया है। उन्होंने कहा, लड़कियों को रात 12:30 बजे बाहर कैसे निकलने दिया जाता है? इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना हुई और इसे “विक्टिम ब्लेमिंग” करार दिया गया। हालांकि, पीड़िता के पिता ने साफ किया कि घटना रात 8:30 से 9:00 बजे के बीच हुई थी, न कि आधी रात को।

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की 2023 की रिपोर्ट के अनुसार भारत में बलात्कार के 29,670 मामले दर्ज किए गए। वहीं, Numbeo की mid-2025 Safety Index में भारत को महिलाओं की सुरक्षा के मामले में 67वां स्थान मिला है। इस रिपोर्ट में भारत का स्कोर 55.8 रहा, जो दर्शाता है कि महिला सुरक्षा के मामले में भारत अभी भी कई देशों से पीछे है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की छवि को इस तरह की घटनाओं से नुकसान पहुंचा है। अमेरिका ने अपनी ट्रैवल एडवाइजरी में भारत को महिलाओं के लिए असुरक्षित देश बताया है और अकेले यात्रा करने से परहेज करने की सलाह दी है। यह एडवाइजरी भारत में बढ़ते अपराध और लैंगिक हिंसा को लेकर जारी की गई थी।