योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को राम मंदिर दर्शन के लिए नैतिक अधिकार नहीं है क्योंकि उन्होंने अयोध्या के साथ अनैतिक व्यवहार किया था। साथ ही, मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पार्टी को भी आड़े हाथ लिया और कहा कि कांग्रेस ने संविधान का सबसे अधिक उल्लंघन किया है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जो लोग राम मंदिर के दर्शन के लिए नहीं जाएंगे, उन्हें अपने कर्मों की सजा भुगतनी पड़ेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभल के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि इस क्षेत्र में 24 नवंबर को जानबूझकर माहौल खराब किया गया था। उन्होंने इमरजेंसी का संदर्भ देते हुए यह कहा कि इस दौरान संविधान का गला घोटा गया था और इसके परिणामस्वरूप देश को कई वर्षों तक संविधान के उल्लंघन की मार झेलनी पड़ी। उनका यह भी कहना था कि उत्तर प्रदेश के संभल जिले का ऐतिहासिक महत्व है और यहां की धरती पर दसवें कल्कि अवतार का संकेत मौजूद है, जिसे समाज को समझना और मान्यता देना चाहिए।
सीएम योगी ने यह भी कहा कि संभल में 209 हिंदुओं की हत्या हुई थी, लेकिन इससे संबंधित किसी भी मामले में पूर्व सरकारों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग अब शांति का पैगाम लेकर घूम रहे हैं, जबकि यह वही लोग हैं जिन्होंने हिंदू धर्मस्थलों को नष्ट करने में योगदान दिया।
इस संदर्भ में, योगी आदित्यनाथ ने यह भी स्पष्ट किया कि पुराने जख्मों का सही तरीके से इलाज किया जाना चाहिए, नहीं तो ये कैंसर जैसी समस्या बन सकते हैं, जिसे इलाज के बिना बढ़ने से रोका नहीं जा सकता।
उन्होंने सुझाव दिया कि समाज में विवादों का अंत और सुलह जरूरी है। इसके लिए जरूरी है कि लोग सत्य को स्वीकार करें, ताकि समाज में सामंजस्य बना रहे और कोई भी नई समस्या उत्पन्न न हो। योगी ने कुंभ मेला को राष्ट्रीय एकता और हिंदू एकता का प्रतीक बताया और इस बात पर जोर दिया कि जो लोग अंतःकरण से अपनी धार्मिक यात्रा को सच्चे दिल से शुरू करना चाहते हैं, उनका स्वागत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे घर वापसी के पक्षधर हैं और जो लोग अपनी मूल पहचान से जुड़ने की चाह रखते हैं, उन्हें पूरी तरह से समर्थन दिया जाएगा।
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