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केंद्रीय मंत्री नहीं लिख पायीं ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का नारा तो सरकार पर उठे सवाल

मध्यप्रदेश विधानसभा में विपक्ष और कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने कहा कि पीएम मोदी नहीं चाहते हैं कि पढ़े-लिखे नेता उनकी सरकार का हिस्सा हो, क्योंकि शिक्षा केवल साक्षरता ही नहीं देती है बल्कि समाज में उत्थान का काम भी करती है। कांग्रेस नेता का यह बयान केंद्र

केंद्रीय मंत्री नहीं लिख पायीं ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का नारा तो सरकार पर उठे सवाल
फोटो: केंद्रीय मंत्री नहीं लिख पायीं ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का नारा तो सरकार पर उठे सवाल
मध्य-प्रदेश के धार में ‘स्कूल चलों अभियान’ के कार्यक्रम में यहाँ से भाजपा सांसद और केंद्रीय महिला बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर अतिथि के तौर पर मौजूद थीं। यहाँ। उन्होंने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ की जग़ह ‘बेढी बडाओं, बच्चाव’ लिख दिया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनका यह वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा प्रदेश इकाई के नेता और प्रवक्ता डॉक्टर हितेश वाजपेयी ने मंत्री का बचाव करते हुए, इशारों में कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मंत्री ने जो अशुद्ध लिखा, उसमें दोष मंत्री का नहीं बल्कि उन्हें मिली शिक्षा का है। वाजपेयी का इशारा कांग्रेस राज में मिली शिक्षा से था। वहीं कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री की साक्षरता को लेकर गंभीर सवाल खड़े किये। मध्यप्रदेश विधानसभा में विपक्ष और कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने कहा कि पीएम मोदी नहीं चाहते हैं कि पढ़े-लिखे नेता उनकी सरकार का हिस्सा हो, क्योंकि शिक्षा केवल साक्षरता ही नहीं देती है बल्कि समाज में उत्थान का काम भी करती है।

 

 मंत्री की अयोग्यता पर सवाल


वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस ने मंत्री की अयोग्यता पर सवाल उठाये हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और मीडिया सलाहकार के.के मिश्रा ने कहा कि यह लोकतंत्र का दुर्भाग्य है कि संवैधानिक पदों पर बैठे लोग और बड़े विभागों के लिए जिम्मेदार लोग अपनी मातृभाषा में भी सक्षम नहीं है, वे अपना मंत्रालय कैसे चला सकते हैं! कांग्रेस नेता ने कहा कि चुनावों में उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता तय करने के लिए संविधान में संशोधन किया जाना चाहिये। एक तरफ़ देश में नागरिकों के साक्षर होने का दावा किया जा रहा है, वहीँ जिम्मेदार लोगों में साक्षरता की कमी है। यह किसी व्यक्ति विशेष से नहीं बल्कि व्यवस्था से जुड़ा मुद्दा है।


कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “यह कैसा नेतृत्व है? क्या पीएम मोदी अपनी सरकार में केवल रबर स्टाम्प मंत्री ही चाहते है। जनप्रतिनिधि कैसा होना चाहिये, इसके लिए कोई मानक नहीं है, लेकिन कम से कम उसे साक्षर तो होना चाहिये।” सिंघार ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सावित्री ठाकुर केंद्र में किस तरह का नेतृत्व करेंगी, इसकी मात्र कल्पना ही की जा सकती है।



सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मंत्री सावित्री ठाकुर को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। एक्स के कई यूजर्स ने मंत्री की वास्तविक शिक्षा डिग्री को लेकर भी सवाल पूछे है। कई यूजर्स ने तंज कस्ते हुए कहा, ‘ये हैं केंद्रीय मंत्री जो ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के नारे को भी ठीक से नहीं लिख पा रही है।’