रावत ने अपनी पोस्ट में यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा के नेता लगातार उत्तराखंड की सांस्कृतिक और सामाजिक एकता को चोट पहुंचा रहे हैं। उन्होंने उत्तराखंड की संस्कृति पर की गई कई बड़ी चोटों का जिक्र किया, जैसे कि तत्कालीन भूकानून को हटाकर जमीनों की खरीद-फरोख्त को एक खुला सौदा बनाने का कदम, गैरसैंण और गैरसैंणियत का अपमान करना, और लिव इन रिलेशनशिप को कानूनी तौर पर मान्यता देने का कदम। रावत ने कहा कि ये सभी कदम उत्तराखंड की पारंपरिक और पारिवारिक संस्कारों पर हमला करने के समान हैं। इसके अलावा, रावत ने विधानसभा सत्र में भाजपा सरकार के एक मंत्री द्वारा की गई असंसदीय टिप्पणियों का भी जिक्र किया, जो उन्होंने कहा कि राज्य की भावनाओं और संस्कृति के खिलाफ थीं।
रावत ने भट्ट को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा सरकार और उसके मंत्री लगातार उत्तराखंड की भावनात्मक एकता पर हमले कर रहे हैं, जिसे उत्तराखंडवासियों द्वारा कभी भी माफ नहीं किया जा सकता। रावत ने यह भी कहा कि इस तरह के हमलों का राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विरोध किया जाना चाहिए, क्योंकि राज्य की संस्कृति और एकता की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है।
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