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अबू आजमी के बयान पर महाराष्ट्र विधानसभा में बवाल, सत्ता पक्ष ने कहा- तुरंत एक्शन लो

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने विधानसभा में अबू आसिम आजमी पर निशाना साधते हुए कहा, कल अबू आजमी औरंगजेब का गुणगान कर रहे थे। यह पहली बार नहीं है |

अबू आजमी के बयान पर महाराष्ट्र विधानसभा में बवाल, सत्ता पक्ष ने कहा- तुरंत एक्शन लो
फोटो: Maharashtra Assembly,
महाराष्ट्र विधानसभा में मंगलवार को पूरे दिन हंगामा और तीखी बहस का माहौल रहा। सत्ताधारी दल के विधायक समाजवादी पार्टी के नेता और विधायक अबू आसिम आजमी के निलंबन और उन पर कार्रवाई की मांग को लेकर आक्रामक हो गए। औरंगजेब पर दिए गए उनके बयान के बाद उन्हें सदन से निलंबित किया जा सकता है। सत्तारूढ़ शिवसेना-बीजेपी गठबंधन ने अबू आजमी की टिप्पणी के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, जिससे सदन की कार्यवाही तीन बार स्थगित करनी पड़ी।

एकनाथ शिंदे ने क्या कहा?


महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने विधानसभा में अबू आसिम आजमी पर निशाना साधते हुए कहा, "कल अबू आजमी औरंगजेब का गुणगान कर रहे थे। यह पहली बार नहीं है जब वे औरंगजेब के समर्थन में बयान दे रहे हैं। इससे पहले भी उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज और संभाजी महाराज का अपमान किया था।" शिंदे ने आगे कहा, "संभाजी महाराज ने स्वराज्य की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। औरंगजेब ने उन्हें 40 दिनों तक कैद में रखा, उनके नाखून और जीभ काट दी, शरीर पर नमक डलवाया, लेकिन फिर भी उन्होंने इस्लाम कबूल नहीं किया। औरंगजेब की बर्बरता के बावजूद, संभाजी महाराज अडिग रहे। ऐसे में अबू आजमी जैसे लोग औरंगजेब का समर्थन करें, यह देशद्रोह के समान है। उन्हें इस सदन में बैठने का कोई अधिकार नहीं है।"

विधानसभा में हंगामा, कार्यवाही तीन बार स्थगित


सत्र शुरू होते ही शिवसेना के मंत्री उदय सामंत ने अबू आजमी के निलंबन और उनके खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज करने की मांग की। शिवसेना (यूबीटी) गुट के विधायक भास्कर जाधव ने भी कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि अबू आजमी को अपने बयान पर पश्चाताप करना चाहिए। जैसे ही जाधव ने अपनी बात समाप्त की, सत्ता पक्ष के सदस्य नारेबाजी करने लगे और सदन में हंगामा मच गया। माहौल इतना गरमाया कि विधानसभा अध्यक्ष को कार्यवाही 30 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। इसके बाद भी स्थिति नहीं सुधरी और सदन की कार्यवाही दोबारा स्थगित करनी पड़ी। सत्ता पक्ष के विधायक अध्यक्ष की कुर्सी की ओर बढ़ने लगे, जिसके बाद अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने पूरे दिन के लिए सदन को स्थगित करने का निर्णय लिया।

अबू आजमी ने औरंगजेब को लेकर कहा था, "औरंगजेब को क्रूर और असहिष्णु शासक बताना गलत है। उसने कई मंदिरें भी बनवाई थीं। इतिहास को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। अगर उसने कुछ मंदिर तोड़े, तो उसने मस्जिदें भी तोड़ीं। इसमें हिंदू-मुस्लिम एंगल लाने की जरूरत नहीं है।" उनके इस बयान के बाद सत्ताधारी दल ने इसे छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान करार दिया और कार्रवाई की मांग तेज कर दी। अबू आजमी के विवादित बयान को लेकर नौपाड़ा थाने में उनके खिलाफ जीरो FIR दर्ज की गई, जिसे बाद में मरीन ड्राइव थाने ट्रांसफर कर दिया गया। वहां उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 299, 302, 356(1) और 356(2) बीएनएस के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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