कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हादसे की असली वजह प्लेटफॉर्म 13 और 14 पर बढ़ती भीड़ थी। बताया जा रहा है कि महाकुंभ जाने वाली दो ट्रेनें देरी से चल रही थीं, जिससे यात्रियों की संख्या ज्यादा हो गई और स्टेशन पर भारी भीड़ जमा हो गई। इसी दौरान अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ में कई लोगों की जान चली गई।
रेलवे प्रशासन का क्या कहना है?
दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने ट्वीट कर घटना पर गहरा शोक जताया है, जबकि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। हालांकि, नॉर्दर्न रेलवे के CPRO (चीफ पब्लिक रिलेशन ऑफिसर) ने भगदड़ की बात से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक अफवाह है और स्टेशन पर ऐसी कोई घटना नहीं हुई।
रेल मंत्रालय के मुताबिक, रेलवे पुलिस और दिल्ली पुलिस घटनास्थल पर मौजूद हैं और स्थिति नियंत्रण में है।
रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ में जान गंवाने वाले मृतकों के परिजनों के लिए सरकार ने 10 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान किया है। वहीं, गंभीर रूप से घायल यात्रियों को 2.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी, जबकि मामूली रूप से घायल लोगों को 1 लाख रुपये का मुआवजा प्रदान किया जाएगा। यह पहला मौका नहीं है जब स्टेशन पर भीड़ ने मौत का तांडव मचाया हो। इससे पहले 29 जनवरी को प्रयागराज महाकुंभ में भी भगदड़ से 30 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, 10 फरवरी 2013 को प्रयागराज स्टेशन पर भगदड़ में 36 लोगों की जान चली गई थी।
Read This Also:- नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ के बाद प्लेटफॉर्म टिकट पर रोक, 26 फरवरी तक काउंटर बंद
Read This Also:- नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ के बाद प्लेटफॉर्म टिकट पर रोक, 26 फरवरी तक काउंटर बंद





