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'दो-दो हाथ होंगे': अखिलेश यादव के आगरा दौरे से पहले सपा सांसद की चेतावनी

राणा सांगा विवाद की चिंगारी अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद रामजीलाल सुमन का एक और विवादित बयान सामने आ गया है। आगरा में पार्टी |

'दो-दो हाथ होंगे': अखिलेश यादव के आगरा दौरे से पहले सपा सांसद की चेतावनी
फोटो: 'दो-दो हाथ होंगे': अखिलेश यादव के आगरा दौरे से पहले सपा सांसद की चेतावनी
राणा सांगा विवाद की चिंगारी अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद रामजीलाल सुमन का एक और विवादित बयान सामने आ गया है। आगरा में पार्टी कार्यालय पर आयोजित डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती समारोह के दौरान सुमन ने आक्रामक अंदाज में अपनी बात रखी और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समेत करणी सेना पर तीखा हमला बोला। सुमन ने कहा, "पुराने जख्म मत कुरेदो, इतिहास के गड़े मुर्दे मत उखाड़ो, वरना यह बात तुम्हारे लिए बहुत भारी पड़ सकती है।" उन्होंने डीएनए को लेकर हो रही बहस पर तीखी प्रतिक्रिया दी और सवाल उठाते हुए कहा, "अगर यह कहा जा रहा है कि मुसलमानों में बाबर का डीएनए है, तो फिर यह भी साफ कर दो कि तुममें किसका डीएनए है? सच्चाई को स्वीकार करने की ताकत होनी चाहिए।" उन्होंने ऐलान किया कि आगामी 19 अप्रैल को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आगरा दौरे पर आ रहे हैं। 

सुमन ने कहा, "मैदान सज चुका है, तैयारी पूरी है। अब राजनीतिक मुकाबला होगा और दो-दो हाथ की लड़ाई तय है।" रामजीलाल सुमन ने आगरा में नगर निगम और जलेसर रोड पर आयोजित डॉ. आंबेडकर जयंती समारोहों में शिरकत की और वहां मौजूद लोगों को संबोधित किया। इसके बाद वे फतेहाबाद रोड स्थित पार्टी कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने भाजपा पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा डॉ. आंबेडकर की विचारधारा को कभी नहीं मानती थी, लेकिन आज सत्ता और वोट के लिए उनकी जयंती मनाई जा रही है। यह दिखावा है, जो लोगों को अब समझ में आने लगा है। करणी सेना को लेकर उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "हमारे देश में पहले वायु सेना, थल सेना और नौसेना थी, अब एक नई 'सेना' सामने आ गई है – करणी सेना। ये लोग सड़कों पर उतरकर इतिहास बदलने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जब चीन हमारी सीमाओं पर अतिक्रमण कर रहा है, अरुणाचल प्रदेश को अपना हिस्सा बता रहा है, तब ये रणबांकुरे कहां हैं? अगर उनमें सच में साहस है, तो उन्हें सीमा पर जाकर देश की रक्षा करनी चाहिए।" इतिहास का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि भरतपुर के राजा सूरजमल वीरता के प्रतीक थे। उन्होंने कभी किसी गरीब, दलित या मजलूम का सिर नहीं काटा, बल्कि अंग्रेजी सत्ता के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। "आज जिन लोगों को सूरजमल की विरासत की बात करने का अधिकार नहीं है, वे भी उनकी आड़ में अपनी राजनीति चमकाना चाहते हैं।"

 रामजीलाल सुमन ने यह भी स्पष्ट किया कि आज की लड़ाई केवल एक व्यक्ति की नहीं है, यह पूरे *पीडीए – यानी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग* की सामूहिक लड़ाई है। "हमें एकजुट होकर सामाजिक न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाना होगा। यह लड़ाई संविधान और लोकतंत्र को बचाने की भी है।" इस कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के कई प्रमुख नेता मौजूद थे, जिनमें जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण वर्मा, महानगर अध्यक्ष वाजिद निसार, ममता टपलू, गौरव यादव, राजपाल यादव, पवन प्रजापति और सोमेश गुप्ता शामिल रहे। सभी ने मिलकर डॉ. आंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की और सामाजिक समरसता व समानता के उनके विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।