गांधी ने सभा में संबोधित करते हुए कहा, "यह लड़ाई केवल राजनीति की नहीं है, बल्कि विचारधारा की भी है। और हम जानते हैं कि अगर हमें बीजेपी और आरएसएस को हराना है, तो वह रास्ता गुजरात से होकर जाएगा। हमारी पार्टी की जड़ें गुजरात में ही हैं, और यहां से ही हम बदलाव की शुरुआत कर सकते हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को गुजरात में लंबे समय से निराशा का सामना करना पड़ा है, लेकिन वह अब यह सुनिश्चित करने आए हैं कि कुछ भी असंभव नहीं है। "हमारे सबसे बड़े नेता, महात्मा गांधी और सरदार पटेल, गुजरात से ही आए थे। अब हम यह सुनिश्चित करने आए हैं कि कांग्रेस का आत्मविश्वास और संघर्ष फिर से वापस लाया जाए।"
राहुल गांधी ने पार्टी में सुधार लाने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने निर्णय लिया है कि अब जिला नेताओं को और अधिक ताकत दी जाएगी। उन्होंने अपनी हाल की बैठक का उल्लेख किया, जिसमें जिला नेताओं ने उन्हें बताया कि पार्टी के अंदर की प्रतिस्पर्धा "विनाशकारी" है, और इसे रचनात्मक दिशा में मोड़ा जाना चाहिए।
गांधी ने कहा, "हमने निर्णय लिया है कि अब कांग्रेस में बदलाव होगा। मैंने जिले के वरिष्ठ नेताओं से बात की, और उन्होंने बताया कि हमारी प्रतिस्पर्धा एकजुटता की बजाय नकारात्मकता फैला रही है। हम स्थानीय नेताओं को निर्णय लेने में शामिल करेंगे।" गांधी ने जोर देकर कहा कि जिला अध्यक्षों को अधिक जिम्मेदारी और अधिकार दिए जाने चाहिए। जिला अध्यक्ष अहमदाबाद से नहीं, बल्कि अपने जिलों से चलने चाहिए। जिलों के नेताओं को मजबूत किया जाना चाहिए, और उन्हें जिम्मेदारी और शक्ति सौंपी जानी चाहिए। हम यह काम अभी से शुरू कर रहे हैं।"





