उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार केवल मीडिया की किसी खबर पर प्रतिक्रिया देने के लिए बाध्य नहीं है। वाराणसी में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा, “आप लोग कोई समाचार चला दें और हम उसके जवाब में कुछ कहें, ऐसा नहीं होता। घटना निःसंदेह दुखद थी और हम सभी ने हर पीड़ित परिवार की मदद की है। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति हमारी पूरी संवेदना है।”
उन्होंने आगे कहा कि महाकुंभ 2025 एक दिव्य और भव्य आयोजन रहा। इसमें लगभग 66 करोड़ श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। हमारी सरकार की यह हमेशा कोशिश रही है कि हर श्रद्धालु सकुशल आए और सुरक्षित वापस लौटे। फिर भी अगर कोई अप्रिय घटना घटी है तो हम उसका गहरा खेद प्रकट करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने BBC की रिपोर्ट सामने आने के बाद सरकार से 8 तीखे सवाल पूछे। उन्होंने इसे "केवल एक रिपोर्ट नहीं, बल्कि महाकुंभ में हुई मौतों और उससे जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं के 'महासत्य' की खोज का प्रारंभ" बताया।
“सत्य जब सामने आता है, तो झूठ की परतें खुद-ब-खुद उतरने लगती हैं। कोई भी सूचना प्रबंधन या प्रचार-तंत्र सत्य को बाहर आने से नहीं रोक सकता,” – अखिलेश यादव
उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह मृतकों की वास्तविक संख्या को छिपाने, और प्रशासनिक लापरवाही पर पर्दा डालने की कोशिश कर रही है। साथ ही यह भी सवाल किया कि इतने बड़े आयोजन में जब करोड़ों रुपये खर्च किए गए, तब भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा प्रबंधन में इतनी चूक कैसे हो गई?





