Molitics Logo
होम संभल की जामा मस्जिद को हाई कोर्ट ने बताया विवादित, मुस्लिम पक्ष असहमत

संभल की जामा मस्जिद को हाई कोर्ट ने बताया विवादित, मुस्लिम पक्ष असहमत

यह मामला लंबे समय से अदालत में विचाराधीन है और हाई कोर्ट में भी इस पर कई घंटों की बहस हो चुकी है। इसी बीच, हाल ही में हुई एक सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने |

संभल की जामा मस्जिद को हाई कोर्ट ने बताया विवादित, मुस्लिम पक्ष असहमत
फोटो: Jama Masjid,
उत्तर प्रदेश के संभल में स्थित जामा मस्जिद को लेकर विवाद अभी भी बरकरार है। हिंदू पक्ष का दावा है कि वहां पहले हरि-हरि मंदिर हुआ करता था, जिसे तोड़कर मस्जिद का निर्माण किया गया। यह मामला लंबे समय से अदालत में विचाराधीन है और हाई कोर्ट में भी इस पर कई घंटों की बहस हो चुकी है। इसी बीच, हाल ही में हुई एक सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने जामा मस्जिद को 'विवादित ढांचा' करार दिया, जिससे इस मुद्दे ने और तूल पकड़ लिया है।

हाई कोर्ट की टिप्पणी से बढ़ा विवाद


इलाहाबाद हाई कोर्ट में जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की बेंच ने सुनवाई के दौरान जामा मस्जिद को 'विवादित ढांचा' लिखवाया। यह पहली बार हुआ है जब कोर्ट ने सुनवाई के दौरान इस शब्दावली का इस्तेमाल किया है। हिंदू पक्ष, जो पहले से ही इसे विवादित ढांचा बताता आ रहा था, इस फैसले से उत्साहित नजर आ रहा है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे झटका मान रहा है। इससे पहले भी इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की एक याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें जामा मस्जिद की रंगाई-पुताई की अनुमति मांगी गई थी। अदालत ने इस संबंध में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) से एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा था। तीन सदस्यों की इस टीम में प्रशासन और एएसआई के अधिकारी भी शामिल थे।

कुछ घंटों तक चले सर्वे के बाद ASI ने अपनी रिपोर्ट कोर्ट को सौंपी, जिसमें यह स्पष्ट किया गया कि मस्जिद में फिलहाल किसी तरह की रंगाई-पुताई की आवश्यकता नहीं है। इस आधार पर कोर्ट ने भी इसकी अनुमति देने से इनकार कर दिया। इसके अलावा, रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि मस्जिद में कई बदलाव किए गए हैं।

मस्जिद में किए गए बदलावों पर सवाल


ASI की रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि मस्जिद की फर्श पर लगे टाइल्स और पत्थरों में बदलाव किया गया है। इसके अलावा, कई हिस्सों में सुनहरे, लाल, हरे और पीले रंग की मोटी तामचीनी पेंट का इस्तेमाल किया गया है, जिससे यह संदेह पैदा हुआ कि क्या इसके जरिए मूल सतह को ढकने की कोशिश की गई है।

Read This Also:- दिल्ली हाईकोर्ट ने जामिया छात्रों को दी राहत, निलंबन पर रोक लगाते हुए मांगी रिपोर्ट