भाजपा और आरएसएस करती है महात्मा गांधी से नफरत
इस फैसले को लेकर कांग्रेस ने भजन लाल शर्मा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार को आड़े हाथ लिया है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इस फैसले पर नाराजगी जताते हुए इसे राष्ट्रपिता का अपमान बताया। उन्होंने इसे गहरे वैचारिक संघर्ष से जोड़ते हुए कहा, “यह फैसला दिखाता है कि नाथूराम गोडसे के अनुयायी कभी भी महात्मा गांधी की सच्ची सराहना नहीं कर सकते।” डोटासरा ने एक्स पर लिखा, “क्या गोडसे की विचारधारा का पालन करने वाले कभी गांधी के अनुयायी हो सकते हैं? गांधी के प्रति संघ की गहरी नफरत भाजपा सरकार के विभिन्न फैसलों में प्रकट होती है।”
छुट्टी रद्द करना महात्मा गांधी का अपमान
वहीं, राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टिका राम जूली ने भाजपा को घेरते हुए कहा, “राजस्थान विश्वविद्यालय द्वारा गांधी जयंती की छुट्टी रद्द करना महात्मा गांधी जी का अपमान है। पहले तो विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा छुट्टी के आदेश निकाले जाते हैं और बाद में सरकार के द्वारा विश्वविद्यालय प्रशासन पर दबाव बनाकर छुट्टी को निरस्त करवाया जाता है।” जूली ने सवाल किया कि बीजेपी और आरएसएस वाले महात्मा गांधी जी से इतनी नफरत क्यों करते हैं?
जूली ने कहा कि गांधी जी एक ऐसी शख्सियत हैं जिनके बारे में सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई देशों में पढ़ाया जाता है। सम्मान में जिनके नाम के आगे महात्मा लगाया जाता है और प्यार से लोग जिन्हें बापू (राष्ट्रपिता) बुलाते हैं। उन्होंने देश की खातिर बहुत ऐसे काम किए जिससे वो हमेशा के लिए अमर हो गए। जिनके जन्मदिन 2 अक्टूबर के मौके पर राष्ट्रीय अवकाश होता है। लेकिन प्रदेश की सरकार के दबाव में आकर विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा छुट्टी को निरस्त करना संकीर्ण मानसिकता का परिचय है। जूली ने कहा, “यह फैसला महात्मा गांधी जी के आदर्शों और विरासत का अपमान है।”





