मुस्तफाबाद का मामला
10 अप्रैल की रात करीब 10 बजे थाना दयालपुर क्षेत्र में गोलीबारी की घटना की जानकारी पुलिस को मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम गली नंबर 15, मुस्तफाबाद पहुंची, जहां एक व्यक्ति अतीक अहमद ने बताया कि उसके 25 वर्षीय बेटे मेहराज को अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी। मेहराज को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1)/3(5) और आर्म्स एक्ट की धारा 27/54/59 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों से पूछताछ के आधार पर हमलावरों की पहचान करने में जुटे हैं।
पश्चिम विहार में प्रॉपर्टी डीलर की हत्या
दूसरी घटना राजधानी के पश्चिम विहार इलाके की है, जहां शुक्रवार सुबह एक हाई-प्रोफाइल मर्डर ने सबको चौंका दिया। प्रॉपर्टी कारोबारी राजकुमार दलाल रोज की तरह सुबह अपनी फॉर्च्यूनर कार से जिम जा रहे थे, लेकिन एसबीआई कॉलोनी के सामने उनकी गाड़ी पर अज्ञात हमलावरों ने घात लगाकर 8-10 राउंड फायरिंग कर दी। गोलीबारी इतनी अचानक और तेज़ थी कि कोई कुछ समझ नहीं पाया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और घायल राजकुमार को अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
क्राइम ब्रांच और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस के अनुसार, हमलावर पहले से ही मौके पर घात लगाए बैठे थे और पूरी वारदात सुनियोजित लगती है। अभी तक हत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है, लेकिन पुलिस रंजिश, प्रॉपर्टी विवाद और कारोबारी प्रतिस्पर्धा जैसी संभावनाओं पर भी जांच कर रही है।
कानून व्यवस्था पर सवाल
दिल्ली जैसे हाई-प्रोफाइल शहर में, जहां हर कोने पर सीसीटीवी कैमरे, चौकसी और पुलिस की गश्त होने का दावा किया जाता है, वहां खुलेआम गोलियां चलना बेहद गंभीर चिंता का विषय है। दिल्ली पुलिस द्वारा अपराध पर नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे अभियानों की प्रभावशीलता पर भी अब सवाल उठने लगे हैं।





